दुनिया भर की नजरें इस समय पश्चिमी एशिया के हालात पर टिकी हैं. लेकिन इस भू-राजनीतिक संकट और युद्ध के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने मुनाफे की एक बड़ी छलांग लगाई है. अप्रैल महीने में अमेरिका का कुल निर्यात (एक्सपोर्ट) अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नए शिखर पर जा पहुंचा है. इस बंपर कमाई के पीछे सबसे बड़ी ताकत बना है कच्चा तेल और भारी मशीनरी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने अमेरिका का खजाना भर दिया है, जिससे उसका व्यापार घाटा भी काफी हद तक कम हो गया है.
व्यापार घाटे में आई बड़ी गिरावटअमेरिकी वाणिज्य विभाग (कॉमर्स डिपार्टमेंट) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में अमेरिका का कुल निर्यात 2.6 प्रतिशत उछलकर 327.1 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. एक्सपोर्ट में आई इस शानदार तेजी के कारण अमेरिका का व्यापार घाटा 1.2 प्रतिशत सिकुड़कर 55.9 अरब डॉलर पर आ गया है. व्यापार घाटा कम होने का मतलब है कि देश से पैसा बाहर कम जा रहा है और कमाई ज्यादा हो रही है. दिलचस्प बात यह है कि मार्च के आंकड़ों में भी सुधार है. पहले मार्च का व्यापार घाटा 60.3 अरब डॉलर बताया गया था, जिसे अब संशोधित कर 56.6 अरब डॉलर कर दिया गया है. इसके अलावा, केवल माल (गुड्स) के निर्यात में 4.1 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिससे यह आंकड़ा 221.3 अरब डॉलर के पार निकल गया है.
कच्चे तेल से बंपर हुई कमाईअमेरिका की इस रिकॉर्ड तोड़ कमाई के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर पेट्रोलियम उत्पाद हैं. फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिमी एशिया के युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित कर दिया है. इसी संकट के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं. अमेरिका दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो तेल का नेट एक्सपोर्टर है, यानी वह अपनी जरूरत से ज्यादा तेल का उत्पादन और निर्यात करता है. इसी का सीधा फायदा उठाते हुए अमेरिका ने अप्रैल में 36.7 अरब डॉलर का पेट्रोलियम निर्यात किया. यह आंकड़ा मार्च के 27.6 अरब डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा है. खास बात यह है कि यह मुनाफा सिर्फ तेल के ऊंचे दामों की वजह से नहीं आया है, बल्कि अमेरिका ने भारी मात्रा (वॉल्यूम) में तेल की सप्लाई भी बढ़ा दी है.
अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मिलेगा सीधा बूस्टपेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल की जबरदस्त वैश्विक मांग ने अमेरिका के अन्य औद्योगिक उत्पादों को भी बड़ा सहारा दिया है. औद्योगिक आपूर्ति और सामग्री का एक्सपोर्ट भी उछलकर 89.0 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर आ गया. अमेरिका का पेट्रोलियम व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 17.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो मार्च में महज 9.4 अरब डॉलर था. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर निर्यात की यही मजबूत स्थिति आने वाले कुछ समय तक कायम रही, तो साल की दूसरी तिमाही में अमेरिका की आर्थिक विकास दर को एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलेगा.