भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर फिर खतरे के संकेत! एक्सपेंशन जॉइंट में बढ़ा गैप, अब भी पुल से गुजर रहीं गाड़ियां
TV9 Bharatvarsh June 10, 2026 06:44 PM

Vikramshila Setu: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है. सेतु के बिजली पोल संख्या 121 और 122 के बीच स्थित एक्सपेंशन जॉइंट में बढ़ते गैप ने तकनीकी विशेषज्ञों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस जॉइंट का सामान्य गैप लगभग 40 मिलीमीटर होना चाहिए, वह बढ़कर करीब 90 मिलीमीटर तक पहुंच गया है.

यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वर्ष 2022 में भी विक्रमशिला सेतु के 7 और 8 नंबर पिलर के बीच इसी तरह गैप बढ़ने की समस्या सामने आई थी. उस समय भी शुरुआती स्तर पर खतरे की आशंकाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया था, लेकिन बाद में पुल का एक स्पैन ध्वस्त हो गया था. अब ठीक वैसी ही परिस्थिति फिर से उभरती दिखाई दे रही है.

हर दिन हजारों वाहन पुल से गुजरते हैं

वर्तमान में प्रभावित एक्सपेंशन जॉइंट से हर दिन हजारों छोटे और बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में बढ़ता गैप लोगों की चिंता का कारण बन गया है. स्थिति को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कर्मचारी और अधिकारी जॉइंट के ऊपर लोहे की मोटी चादर लगाकर उसे ढकने का कार्य कर रहे हैं. हालांकि विभाग का दावा है कि यह केवल अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था है और जल्द ही वहां रबर कवर लगाया जाएगा.

मंगलवार को जब टीवी9 की एक टीम विक्रमशिला सेतु पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि एक्सपेंशन जॉइंट को लोहे की चादर से ढका जा रहा था. बताया जा रहा है कि वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू होते ही मौके पर मौजूद कुछ इंजीनियर वहां से हट गए. इस घटना के बाद विभागीय दावों और पुल की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में भी स्पैन गिरने से पहले अधिकारियों ने पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया था. फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्सों सहित चार स्थानों पर बेली ब्रिज बनाकर यातायात बहाल किया गया है. ऐसे में अब पांचवें स्थान पर सामने आई इस समस्या ने नई चिंता पैदा कर दी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, भागलपुर की एक तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक इंजीनियर ने बताया कि जांच में गैप करीब 90 एमएम पाया गया है, जो तकनीकी दृष्टि से सामान्य नहीं माना जा सकता. फिलहाल विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और पटना मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है.

क्या बोेले अधिकारी?

वहीं पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि एक्सपेंशन जॉइंट की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि तस्वीरों में दिखाई दे रही स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है. अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा.

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