NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नोटिस वायरल हो रहा है. इस नोटिस में दावा किया जा रहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने री-एग्जाम के लिए परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है. लेकिन NTA ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है और छात्रों को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी है.
वायरल हो रहे पत्र पर 27 मई 2026 की तारीख दर्ज है. इसमें दावा किया गया है कि यह एक गोपनीय दस्तावेज है, जिसे NTA की परीक्षा तैयारी और मॉडरेशन पैनल के लिए जारी किया गया है. पत्र में कहा गया है कि NEET री-एग्जाम का प्रश्नपत्र पिछले सभी प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री से पूरी तरह अलग होगा.
वहीं, PIB Fact Check ने भी स्पष्ट किया है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर ऐसा कोई भी सर्कुलर या नोटिस जारी नहीं किया गया है. एजेंसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा कि वायरल दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है और उम्मीदवारों को इस पर विश्वास नहीं करना चाहिए. साथ ही छात्रों से अपील की गई है कि वे ऐसी अफवाहों को न फैलाएं और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें.
NTA ने क्या कहा?
NTA ने भी साफ किया है कि NEET UG परीक्षा के संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही जारी की जाती है. इसलिए छात्रों को किसी भी वायरल संदेश या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए.
कैसा होगा एग्जाम पैटर्न?
परीक्षा पैटर्न की बात करें तो NEET UG 2026 का स्वरूप पिछले वर्षों की तरह ही रहेगा. परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी तीन विषय शामिल होंगे. बायोलॉजी सेक्शन में जूलॉजी और बॉटनी दोनों विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे.
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इस वर्ष NEET UG परीक्षा में कुल 180 प्रश्न होंगे. इनमें फिजिक्स से 45, केमिस्ट्री से 45 और बायोलॉजी से 90 प्रश्न पूछे जाएंगे. कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किए गए वैकल्पिक सेक्शन-B को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. पहले परीक्षा में कुल 200 प्रश्न होते थे, लेकिन अब यह संख्या घटाकर 180 कर दी गई है.
परीक्षा की अवधि में भी बदलाव किया गया है. पहले छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 3 घंटे 20 मिनट यानी 200 मिनट का समय दिया जाता था. अब परीक्षा की अवधि घटाकर 180 मिनट यानी 3 घंटे कर दी गई है.
मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा. यदि कोई प्रश्न छोड़ा जाता है तो उसके लिए कोई अंक नहीं काटा जाएगा. वहीं, यदि किसी प्रश्न के लिए OMR शीट पर एक से अधिक उत्तर चिह्नित किए जाते हैं, तो उसे गलत माना जाएगा और 1 अंक की कटौती की जाएगी.
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