नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी, देश भर की 135 NBFCs पर रिजर्व बैंक की डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक
TV9 Bharatvarsh June 11, 2026 01:43 AM

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बुधवार को कहा कि उसने 135 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है. इनमें एक्सप्रेस फिनकैप हाउस, अक्षय फिस्कल सर्विसेज, टाइम्स फाइनेंस (P), जुपिटर प्रोजेक्ट्स (P), जुपिटर फिनवेस्ट, एसेल फाइनेंस बिजनेस लोन्स और सिटीवाइड फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआई की ओर से एनबीएफसी को लेकर किस तरह​ की जानकारी सामने आई है.

बंगाल में थीं रजिस्टर्ड

RBI की एक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन NBFCs का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द किया गया, उनमें से ज़्यादातर का रजिस्टर्ड ऑफिस पश्चिम बंगाल में था. इसके अलावा, 13 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों ने अपना कारोबार बंद करने या विलय/समामेलन/समापन/स्वैच्छिक रूप से नाम हटाने के कारण कानूनी इकाई न रहने की वजह से सेंट्रल बैंक को अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सौंप दिया है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि जे. थॉमस फाइनेंस, इकोन-सुपर सेल्स, हितेशा फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट, टिनवेली टुटिकोरिन इन्वेस्टमेंट्स, कार्नेक्स विनिमय और इम्पैक्ट लीजिंग ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (NBFI) का कारोबार छोड़ने के कारण अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए.

इन्होंने भी सरेंडर किए लाइसेंस

साथ ही, फोररनर कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स का लाइसेंस इसलिए सरेंडर किया गया क्योंकि वह बिना रजिस्ट्रेशन वाली कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के लिए तय मानदंडों को पूरा करती थी, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती है. विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि कैस्पियन इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट्स, हरि दर्शन सेल्स, आइवरी कंसल्टेंट्स, SKA कंसल्टेंसी सर्विसेज, त्रिशिता मैनेजमेंट और सुबन ट्रेड्स जैसी NBFCs ने विलय/समामेलन/समापन/स्वैच्छिक रूप से नाम हटाने आदि के कारण कानूनी इकाई न रहने की वजह से अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए.

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