'फाइल आगे बढ़ानी है तो पैसे दो'… इटावा के डिप्टी CMO को 55000 घूस लेते विजिलेंस ने रंगे हाथों पकड़ा
TV9 Bharatvarsh June 11, 2026 02:43 AM

Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता अधिष्ठान की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग में तैनात डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव को बुधवार 10 जून 2026 को 55 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए यूपी सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर सेक्टर की ट्रैप टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में की गई, जिससे पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.

मामले की शुरुआत 4 जून 2026 को हुई थी, जब एक शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर सेक्टर में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि उसने अपनी पत्नी के नाम से श्री जी अल्ट्रासाउंड क्लीनिक खोलने के लिए आवेदन किया था. आरोप था कि संबंधित पत्रावली को आगे बढ़ाने और आवश्यक अनुमोदन देने के बदले डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव द्वारा 55 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी.

कैसे बिछाया गया जाल?

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था. शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया. जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए. इसके बाद पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर ने विशेष ट्रैप टीम का गठन कर कार्रवाई की योजना तैयार की.

बुधवार को तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता आरोपी अधिकारी के संपर्क में पहुंचा. जैसे ही डॉ. श्रीनिवास यादव ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही विजिलेंस टीम ने तत्काल छापा मारकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया. टीम ने मौके से 55 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद कर ली.

विजिलेंस की टीम ने किया अरेस्ट

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई. कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते नजर आए. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का इस तरह रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़ा जाना जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है.

सतर्कता अधिष्ठान द्वारा डॉ. श्रीनिवास यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में थाना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर सेक्टर में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विधिक कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी है. यदि कोई राजपत्रित या अराजपत्रित लोक सेवक सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन पर दर्ज कराई जा सकती है, ताकि ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

इटावा में हुई यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत स्वास्थ्य विभाग में अब तक की सबसे चर्चित कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है. विभाग ने प्रेस नोट जारी करके मामले की जानकारी दी.

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