भारत में हायर एजुकेशन को वर्ल्ड लेवल पर मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने तीन टॉप फॉरेन यूनिवर्सिटी को भारत में अपने कैंपस शुरू करने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल मुंबई में अपने कैंपस स्थापित करेंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW Sydney) बेंगलुरु में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस शुरू करेगी.
UGC की मंजूरी मिलने के बाद ये विश्वविद्यालय अब भारत में छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे. यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत हायर एजुकेशन के अंतरराष्ट्रीयकरण के लक्ष्य का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय छात्रों को देश में ही विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराना है. इन विश्वविद्यालयों को औपचारिक स्वीकृति पत्र सौंपे जा चुके हैं.
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क ने बताया कि उसे मुंबई में कैंपस स्थापित करने के लिए UGC से औपचारिक मंजूरी मिल गई है. विश्वविद्यालय 2026 के शैक्षणिक सत्र से छात्रों का दाखिला शुरू करेगा. शुरुआती चरण में यहां बिजनेस, इकोनॉमिक्स और कंप्यूटर साइंस जैसे स्नातक (UG) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फाइनेंस और मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर (PG) कोर्स भी उपलब्ध होंगे.
यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल को भी मुंबई एंटरप्राइज कैंपस के लिए UGC की मंजूरी मिल गई है. विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि अगस्त 2026 से मुंबई के पवई स्थित सिग्नस परिसर में अस्थायी कैंपस से क्लास शुरू की जाएंगी. पहले साल में विश्वविद्यालय लगभग 250 छात्रों को प्रवेश देने की योजना बना रहा है. यहां डेटा साइंस, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस और इमर्सिव आर्ट्स जैसे विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे.
ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW Sydney) को बेंगलुरु में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करने की अनुमति मिल गई है. विश्वविद्यालय की कक्षाएं अगस्त 2026 से एम्बेसी मन्यता बिजनेस पार्क में शुरू होंगी. शुरुआत में बिजनेस, कंप्यूटर साइंस और डेटा साइंस में स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी में स्नातकोत्तर कोर्स भी छात्रों के लिए उपलब्ध होगा.