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यह बात बार-बार सामने आई है कि वज़न बढ़ने से न सिर्फ़ आपका लुक खराब होता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियाँ भी होती हैं। अब, एक नई स्टडी में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस स्टडी में पाया गया है कि कम उम्र से वज़न बढ़ने से भविष्य में कैंसर का खतरा बहुत बढ़ सकता है। इसलिए, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वज़न को कंट्रोल में रखना न सिर्फ़ फिट दिखने के लिए, बल्कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए भी ज़रूरी है।
रिसर्च में क्या पता चला?
मेडआरएक्सआईवी जर्नल में छपी इस स्टडी में 6 लाख से ज़्यादा लोग शामिल थे। रिसर्चर्स ने 17 से 60 साल की उम्र के महिलाओं और पुरुषों के वज़न में लंबे समय तक आए बदलावों की स्टडी की। फिर, वज़न बढ़ने और कैंसर के मामलों की तुलना की गई।
स्टडी से पता चला कि जो लोग ज़्यादा वज़न वाले थे या जिनका वज़न समय के साथ बढ़ा था, उनमें मोटापे से होने वाले कैंसर का खतरा काफी ज़्यादा था। यानी, सिर्फ़ मोटापा ही नहीं, बल्कि लगातार वज़न बढ़ने से भी कैंसर हो सकता है।
पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग नतीजे
इस स्टडी में पाया गया कि मोटापा पुरुषों में कुल मिलाकर कैंसर का खतरा लगभग 7 प्रतिशत बढ़ा देता है। जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत से ज़्यादा था। इसके अलावा, ज़्यादा वज़न वाली महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा लगभग चार गुना ज़्यादा पाया गया। रिसर्चर्स ने बताया कि पुरुषों में लिवर कैंसर का खतरा दो से तीन गुना ज़्यादा था।
मोटापे से किन कैंसर का खतरा बढ़ता है?
स्टडी के मुताबिक, कुछ तरह के कैंसर सीधे तौर पर बढ़ते वज़न से जुड़े हो सकते हैं। इनमें लिवर कैंसर, इसोफेगल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, एंडोमेट्रियल कैंसर, किडनी कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक, मोटापा इन बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है।
वज़न बढ़ने के क्या कारण हैं?
साइंटिस्ट्स के मुताबिक, वज़न बढ़ने या मोटापे के पीछे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में हॉर्मोन का इम्बैलेंस, इंसुलिन लेवल का बढ़ना, शरीर में लगातार सूजन और फैट सेल्स की संख्या का बढ़ना इसके पीछे मुख्य कारण माने जाते हैं। ये कारण कैंसर के खतरे को और बढ़ा सकते हैं।
कैंसर का खतरा कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कैंसर का खतरा कम करने के लिए सबसे पहले अपने वज़न को कंट्रोल में रखना चाहिए। शरीर का बैलेंस्ड वज़न बनाए रखने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
इसके अलावा, रेगुलर एक्सरसाइज, योग और एक्टिव लाइफस्टाइल फायदेमंद हैं। डाइट में पौष्टिक और बैलेंस्ड खाना शामिल करना चाहिए। साथ ही, जंक फूड, हाई शुगर और प्रोसेस्ड फूड से जितना हो सके बचना चाहिए।