कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई? जो संभालेंगे NSCS में बड़ी भूमिका
TV9 Bharatvarsh June 13, 2026 01:43 AM

भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) में नया मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया है. यह पहली बार है जब किसी सेवारत सैन्य अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया गया है. NSCS का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के पद पर थे.

सूत्रों के मुताबिक, अब वह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे. उनका कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है. इस सप्ताह उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. राजीव घई का सैन्य अनुभव काफी व्यापक रहा है. उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली है. इसके अलावा उन्होंने मध्य क्षेत्र में स्वतंत्र ब्रिगेड, अरुणाचल प्रदेश में इन्फैंट्री डिवीजन और श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स की कमान भी संभाली है.

2018 में इस पद को फिर से सक्रिय किया गया

उनसे पहले जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस पद पर थे, जो अब देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) हैं. इससे पहले एयर मार्शल संदीप सिंह और जनरल अनिल चौहान भी मिलिट्री एडवाइजर रह चुके हैं. मोदी सरकार में 2018 में इस पद को फिर से सक्रिय किया गया था. लेफ्टिनेंट जनरल विनोद खंडारे सरकार में पहले मिलिट्री एडवाइजर बने थे.

काफी अहम मानी जा रही है ये नियुक्ति

वहीं लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मेनन ने 2012 से 2014 तक इस जिम्मेदारी को संभाला था. बाद में वह NSCS में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) भी रहे. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर सैन्य समन्वय और रणनीतिक सलाह को मजबूत करने के लिए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है.

घई के करियर की अहम जिम्मेदारियां

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने अपने करियर में कई बड़ी और अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. उन्हें कश्मीर घाटी और एलओसी के पास आतंकवाद-रोधी अभियानों का विशेषज्ञ माना जाता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके रोल, रणनीतिक फैसलों और आतंकियों के खिलाफ योजनाओं के लिए उन्हें व्यापक स्तर पर सराहा गया है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.