
Lucknow, 15 जून . उत्तर प्रदेश Government ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की चोरी व वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. मामले में 15 दिन के भीतर एसआईटी जांच रिपोर्ट देगी. भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कहा कि एसआईटी जांच का आदेश अकेले Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने नहीं दिया. Prime Minister मोदी ने पहले ही फोन करके खुद कहा था कि एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए. उनके फोन के बाद, एसआईटी का गठन हुआ.
Samajwadi Party और विपक्ष के सवाल उठाए जाने पर भाजपा नेता विनय कटियार ने तंज कसते हुए कहा, “क्या आप मुझे बता सकते हैं कि विपक्ष कौन है? अगर अखिलेश यादव ऐसा बयान दे रहे हैं, तो हो सकता है कि वे ऐसा कह रहे हों. मैं उस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. वे एक अच्छे इंसान हैं, इसलिए मैं कुछ नहीं कहूंगा.”
भाजपा नेता विनय कटियार से जब यह पूछा गया कि करोड़ों रुपए की रिकवरी और कुछ लोगों के हिरासत में लिए जाने पर विपक्ष सवाल कर रहा है कि जब शुरू में चोरी हुई थी तो Government ने बातें क्यों छिपाईं. अगर शुरू में जांच हो जाती तो रिकवरी आसानी से हो जाती. छिपाने का क्या मतलब है?
जवाब देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह बात हमें भी नहीं पता. हम इसमें ज्यादा दखल नहीं देते. हम तीन-चार महीने में कभी-कभी मंदिर जाते हैं. जो लोग घर पर मिलने के लिए आते हैं, तो किसी को उनके साथ भेज देते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि चोरी हुई है. इसमें शामिल पैसा किसी एक दिन का नहीं है और वहां मिलने वाला चंदा भी काफी ज्यादा है. मुझे आज का आंकड़ा अभी पता नहीं है, जब आज जमा हुई रकम की जानकारी मिलेगी, तो तुरंत साफ हो जाएगा कि आज कितना पैसा आया.
भाजपा नेता ने दावा किया कि जिन्होंने ऐसा अपराध किया है, उन्हें दंड जरूर मिलेगा. हमारी राय बहुत साफ है. जब पूरी कहानी सामने आएगी तो सबके साथ ठीक से पेश आया जाएगा. हम अकाउंटेंट को बुलाकर पूरा लेखा-जोखा देख लेंगे. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा, ठीक कर देंगे.
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर ऑडिट कराने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस बारे में हमें जानकारी नहीं है. हालांकि, जितना पैसा आया होगा, उसकी जानकारी अकाउंटेंट को जरूर होगी. उन्होंने कहा कि वे आगे राम मंदिर जाएंगे और हालातों का जायजा जरूर लेंगे.
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डीकेएम/एबीएम