कैलिफोर्निया में US एयर फ़ोर्स बेस पर B-52 बॉम्बर क्रैश, 8 लोगों की मौत की आशंका
TV9 Bharatvarsh June 16, 2026 09:42 AM

अमेरिका में साउथ कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में US एयर फोर्स बेस पर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक B-52 बॉम्बर क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान में सवार आठ लोगों की मौत की आशंका है. लॉस एंजिल्स के नॉर्थ में स्थित एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि इस क्रैश में किसी के बचने की उम्मीद नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि क्रैश की वजह की जांच की जा रही है.

क्रू के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन हवाई फुटेज में विमान का नामो-निशान नहीं दिख रहा था. सोमवार सुबह करीब 11:20 बजे विमान के गिरने के बाद इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं. एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस पर रनवे जैसी जगह के पास रेगिस्तान का एक बड़ा हिस्सा जलकर काला पड़ गया था और वहां से काला धुआं उठ रहा था. पास में ही इमरजेंसी गाड़ियां मौजूद थीं. सेना ने यह नहीं बताया है कि बॉम्बर में हथियार लगे थे या नहीं.

लंबी दूरी का बॉम्बर है बोइंग B-52

बोइंग B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस एक लंबी दूरी का बॉम्बर है, जिसे 1955 में सेवा में शामिल किया गया था. इसे पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है और वियतनाम से लेकर ईरान तक US सेना से जुड़े संघर्षों में इसका इस्तेमाल किया गया है. सोमवार दोपहर तक एयरफ़ील्ड बंद रहा और आने वाले सभी विमानों का रास्ता बदल दिया गया.

विजिटर पास सस्पेंड

अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि बेस पर गैर-कमर्शियल विजिटर पास सस्पेंड कर दिए गए, ताकि बेस पूरी तरह से इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन पर ध्यान दे सके. एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस अमेरिकी वायु सेना के विमानों के टेस्ट और डेवलपमेंट से जुड़े बड़े कामों का केंद्र है और यह लॉस एंजिल्स से लगभग 161 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.

क्या है इस बेस का इतिहास?

412वां टेस्ट विंग, जो इस बेस को चलाता है, वायु सेना के सभी विमानों, हथियारों के सिस्टम, सॉफ्टवेयर और पुर्जों की खरीद से पहले और उनके पूरे कार्यकाल के दौरान डेवलपमेंटल टेस्टिंग भी करता है. रेगिस्तान में बने इस विशाल बेस पर ही वायु सेना के टेस्ट पायलट चक येगर ने 1947 में मैक 1.05 की गति हासिल की थी और साउंड बैरियर को तोड़ा था.

टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश

जिस तरह से B-52 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद, ज़्यादा ऊंचाई पर पहुंचे या दूर गए बिना ही क्रैश हो गया, उससे एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट जेफ गुजेटी को शक है कि शायद फ्लाइट कंट्रोल में कोई खराबी आई होगी. लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कंट्रोल में समस्या किस वजह से हुई.

क्या है हादसे की वजह?

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मेंटेनेंस के बाद कंट्रोल गलत तरीके से सेट किए गए हों, या फिर इंजन में कोई बड़ी खराबी आई हो या जिस इक्विपमेंट की टेस्टिंग हो रही थी, उसमें कोई खराबी आ गई हो. गुजेट्टी ने कहा, मुझे लगता है कि यह निश्चित रूप से कंट्रोल से जुड़ी समस्या थी. अब, यह इंजन फेलियर, फ़्लाइट कंट्रोल फेलियर या किसी नए टेस्टिंग डिवाइस के फेल होने की वजह से हुआ, इस बारे में मैं पक्का नहीं कह सकता. गुज़ेट्टी पहले फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ़्टी बोर्ड के लिए क्रैश की जांच करते थे.

हालांकि एयर फोर्स 70 से ज़्यादा सालों से B-52 बॉम्बर उड़ा रही है, लेकिन प्लेन पर नए इक्विपमेंट की टेस्टिंग से नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं. गुजेट्टी ने कहा, सामान्य ऑपरेशन की तुलना में फ्लाइट टेस्ट हमेशा ज़्यादा जोखिम भरा होता है, इसलिए खास तौर पर ट्रेंड टेस्ट पायलट होते हैं और दूसरे सेफ्टी प्रोटोकॉल भी होने चाहिए.

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