FIFA विश्व कप 2026: फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े और चौंकाने वाले उलटफेरों में से एक का गवाह बना विश्व कप का ग्रुप-एच का उद्घाटन मैच। पहली बार इस भव्य मंच पर कदम रख रही केप वर्डे की टीम ने यूरोपीय चैंपियन और खिताब की प्रबल दावेदार स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोककर इतिहास रच दिया। इस परिणाम के साथ, इस छोटे अफ्रीकी देश ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक हासिल किया।
फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर सबसे छोटे देश का कमाल
केप वर्डे की यह उपलब्धि पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह देश क्षेत्रफल के लिहाज से अब तक FIFA विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला सबसे छोटा देश है। जब विश्व रैंकिंग में 64वें स्थान पर मौजूद यह टीम पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन जैसी ताकतवर टीम से भिड़ी, तो किसी ने भी इस नतीजे की कल्पना नहीं की थी। करीब 5 लाख आबादी वाले इस देश के खिलाड़ियों ने मैदान पर जिस जुझारूपन और जज़्बे का प्रदर्शन किया, उसने खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया।
गोलकीपर वोजिन्हा बने 40 वर्ष की उम्र में दीवार
अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेनिश टीम ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगभग 70 प्रतिशत समय तक बॉल पोज़ेशन अपने पास रखा। मगर केप वर्डे के 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा ने स्पेनिश फॉरवर्ड्स के सामने दीवार बनकर खड़े रहे। उन्होंने पहले हाफ में फेरान टोरेस के तीन प्रयासों को विफल किया। पूरे मैच में केप वर्डे की डिफेंस लाइन ने स्पेन के हमलों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।
लामिन यमाल और निको विलियम्स भी नहीं कर सके प्रभाव
जब लंबे समय तक स्पेन को कोई सफलता नहीं मिली, तो दूसरे हाफ के अंतिम 20 मिनटों में कोच ने अपने युवा सितारों लामिन यमाल और निको विलियम्स को मैदान में उतारा। यमाल ने आते ही कुछ शानदार पास दिए, लेकिन केप वर्डे के खिलाड़ियों ने उन्हें खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। परिणामस्वरूप दोनों टीमों को अंक साझा करने पड़े।