Nalanda News: बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में दो युवकों की हत्या ने हिलाकर रख दिया है. झुनकिया बाबा मंदिर के पास चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों की भीड़ की ओर से पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि मृतकों के परिजन ने इसे मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि प्लान्ड मर्डर बताया है.
मामला राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर के समीप का है. सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने चोरी के संदेह में दो युवकों को पकड़ लिया. आरोप है कि इसके बाद भीड़ ने दोनों की बेरहमी से पिटाई कर दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर ले गई. वहां से उनकी हालत नाजुक होने पर पीएमसीएच पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई.
मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी अमरदीप पासवान के 22 वर्षीय पुत्र पिंटू कुमार और नरेश पासवान के 22 वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार के रूप में हुई है. राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि झुनकिया बाबा मंदिर के पास दो लोगों को चोरी करते हुए पकड़ लिया गया है. जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दोनों युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले. उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है.
परिजनों का बड़ा आरोप, बोले- घर से बुलाकर ले गए थेघटना के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजन का आरोप है कि दोनों युवकों का किसी भी तरह की चोरी या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था. उनका कहना है कि गांव के कुछ लोग दोनों को मलमास मेला घुमाने के बहाने अपने साथ लेकर गए थे. बाद में उन्हें चोर बताकर झुनकिया बाबा मंदिर के पास पीट-पीटकर मार डाला गया. परिजनों ने इस घटना को मॉब लिंचिंग की बजाय सुनियोजित हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
मंदिर महंत का दावा- चोरी की वारदात में शामिल थेदूसरी ओर झुनकिया बाबा मंदिर के महंत शरण जी महाराज ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में हाल के दिनों में कई चोरी की घटनाएं हुई थीं. 8 जून को करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की चोरी हुई थी और 13 जून को भी चोरी की घटना सामने आई थी.
महंत के अनुसार सोमवार सुबह चार लोग चोरी की नीयत से पहुंचे थे. इसी दौरान स्थानीय लोगों की नजर उन पर पड़ गई और वे भागने लगे. मेला से लौट रही भीड़ ने दो युवकों को मंदिर के पास पकड़ लिया. उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर में किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई और दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया था.
जांच में जुटी पुलिसफिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों युवकों के साथ वास्तव में क्या हुआ था.