NEET UG Re-Exam 2026: नीट यूजी फर्जी पेपर लीक के दावों की करें रिपोर्ट, NTA ने लॉन्च किया नया पोर्टल
TV9 Bharatvarsh June 16, 2026 03:43 PM

नीट यूजी री-एग्जाम में कुछ ही दिन बचे हैं और चूंकि सोशल मीडिया पर तरह-तरह के फर्जी पेपर वायरल हो रहे हैं, ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) ने छात्रों और आम जनता की सुविधा के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वो परीक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी पेपर लीक के दावों और क्लोनिंग के प्रयासों की रिपोर्ट कर सकते हैं. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अधिकारी 21 जून को होने वाले री-एग्जाम की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास में लगे हुए हैं. यह परीक्षा पहली बार हुई नीट यूजी परीक्षा के रद्द होने के बाद आयोजित की जा रही है. 3 मई को कई राज्यों में पेपर लीक होने के विवाद के चलते परीक्षा को रद्द कर दिया गया था.

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उम्मीदवार संदिग्ध वेबसाइट्स, सोशल मीडिया पोस्ट और परीक्षा मैटेरियल तक पहुंच के बारे में फर्जी दावे करने वाले व्यक्तियों की जानकारी दे सकते हैं. एनटीए ने उम्मीदवारों को गलत सूचनाओं, फर्जी प्रश्न पत्र और पैसे के बदले रिजल्ट की गारंटी देने का दावा करने वाले व्यक्तियों के झांसे में न आने की चेतावनी दी है. एनटीए ने कहा, ‘अफवाहों को अपने नीट यूजी 2026 के सफर को तय न करने दें. परीक्षा से पहले किसी के पास भी प्रश्न पत्र तक पहुंच नहीं है’.

फर्जी दावों के खिलाफ रिपोर्ट करने की सुविधा MyGov पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है और यह 14 जून से 30 जून, 2026 तक खुली रहेगी. उम्मीदवार लॉगिन करके परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में शिकायतें दर्ज करा सकते हैं.

किस-किस के खिलाफ कर सकते हैं रिपोर्ट?
  • ऐसी वेबसाइट्स या सोशल मीडिया अकाउंट जो NEET UG 2026 के प्रश्न पत्रों या आंसर-की तक पहुंच का दावा करते हैं.
  • वो व्यक्ति जो गोपनीय परीक्षा मैटेरियल तक पहुंच का दावा करते हैं या लीक हुए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराते हैं.
  • एनटीए अधिकारियों, सरकारी प्रतिनिधियों या परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों के क्लोनिंग करने से जुड़े मामले.

छात्र इन तीन कैटेगरी के तहत अपनी चिंताओं की रिपोर्ट कर सकते हैं. यह पोर्टल सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के व्यापक ढांचे के तहत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा संबंधी कदाचार पर अंकुश लगाना और सार्वजनिक परीक्षाओं का निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करना है. अगर उम्मीदवारों को किसी प्रकार के संदिग्ध दावे का पता चलता है, तो वो पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन या लॉगिन कर सकते हैं और संदिग्ध गतिविधि की डिटेल जानकारी दे सकते हैं.

फर्जी दावों पर विश्वास न करने की सलाह

एनटीए ने उम्मीदवारों को परीक्षा संबंधी अपडेट और जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करने की सलाह दी है. उम्मीदवारों से आग्रह किया गया है कि वो आधिकारिक NEET और एनटीए वेबसाइट्स को फॉलो करें और गलत और फर्जी दावों को वायरल करने वाले अनौपचारिक चैनलों से बचें.

22 लाख से अधिक कैंडिडेट्स परीक्षा में होंगे शामिल

नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी. 3 मई को रद्द हुई परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड 22 लाख से अधिक उम्मीदवार इस पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, जो पिछले महीने हुए पेपर लीक मामले के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित की जा रही है.

10 लाख से अधिक कैंडिडेट्स ने डाउनलोड किए एडमिट कार्ड

एनटीए के मुताबिक, एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की सुविधा शुरू होने के लगभग 24 घंटों में 10 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट यूजी री-एग्जाम के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं. हमारी टेक टीमें सर्वर पर पड़ने वाले लोड पर नजर रख रही हैं और एनटीए यह पक्का करेगा कि सभी उम्मीदवारों को परीक्षा से काफी पहले उनके एडमिट कार्ड मिल जाएं.

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