Invertor AC: यह कहा जाता है कि बिजली के बिल को कम रखना है तो इन्वर्टर एसी को यूज करना चाहिए. यह नॉर्मल एसी के मुकाबले कम बिजली पीता है, जिससे बिजली बिल की टेंशन नहीं रहती. इसमें ऐसी क्या टेक्नोलॉजी है, जो इसे बाकी मॉडल के मुकाबले ज्यादा एफिशिएंट बनाती है? अगर आप इन्वर्टर एसी खरीदने जा रहे हैं तो आपके पास इस सवाल का जवाब होना चाहिए. आज हम यह समझेंगे कि कैसे Invertor AC कम बिजली की खपत करते हुए भी गर्मी में पहाड़ों जैसी ठंडक दे पाता है.
क्या है Invertor AC के काम करने का तरीका?
नॉर्मल एसी की बात करें तो रूम टेंपरेचर के हिसाब से इसका कंप्रेसर बार-बार ऑन-ऑफ होता रहता है. यानी अगर आपने 24 डिग्री टेंपरेचर सेट किया है तो इस रूम टेंपरेचर इस लेवल पर आते ही कंप्रेसर बंद हो जाता है. फिर जब टेंपरेचर दोबारा बढ़ता है तो कंप्रेसर कूलिंग के लिए फिर काम शुरू कर देता है. ऐसे लगातार ऑन-ऑफ होने से यह ज्यादा बिजली की खपत करता है. अगर Invertor AC की बात करें तो इसका कंप्रेसर लगातार काम करते रहता है. टेंपरेचर लेवल अचीव होने के बाद यह बंद होने की बजाय स्पीड एडजस्ट कर लेता है, जिससे बार-बार ऑन-ऑफ होने का झंझट नहीं रहता.
कितनी बिजली बचा देता है Invertor AC?
इन्वर्टर एसी ज्यादा एफिशिएंट होता है और यह बिजली बिल में हजारों रुपये तक की बचत करवा सकता है. नॉर्मल एसी की तुलना में यह 15-20 प्रतिशत कम बिजली की खपत करता है. हालांकि, यह कमरे के साइज, इंसुलेशन, टेंपरेचर सेटिंग और एनर्जी एफिशिएंसी समेत कई चीजों पर डिपेंड करता है. फिर भी इन्वर्टर एसी नॉन-इन्वर्टर के मुकाबले कम बिजली कंज्यूम करता है.
Invertor AC के हैं और भी कई फायदे
इन्वर्टर एसी की आवाज कम होती है.
यह टेंपरेचर को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकता है.
इसमें कंप्रेसर पर कम लोड पड़ता है, जिससे उसकी लाइफ बढ़ती है.
इन बातों का रखें ध्यान
यह ध्यान रखें कि इन्वर्टर एसी खरीदने के लिए आपको नॉन-इन्वर्टर एसी की तुलना में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. इनकी कीमत ज्यादा होती है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह कम बिजली कंज्यूम कर आपके पैसे बचा सकता है. अगर आप एसी खरीदने जा रहे हैं तो कमरे का साइज, एनर्जी रेटिंग और कूलिंग कैपेसिटी आदि को भी दिमाग में लेकर चलें.
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