New Delhi, 16 जून . दिल्ली Police ने ‘म्यूल अकाउंट’ सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में Police ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से पीओएस मशीनें, एटीएम कार्ड, चेक बुक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है.
Police के अनुसार, यह गिरोह साइबर अपराध से मिली रकम को आगे भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक अकाउंट हासिल करने, उन्हें संचालित करने और उनकी सप्लाई करने का काम करता था. इस मामले में बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज कर 10 आरोपियों को दबोचा है.
Police जांच में सामने आया कि केरल की रहने वाली एक महिला शिकायतकर्ता से दो लाख रुपए की धोखाधड़ी कर यश बैंक में मौजूद एक अकाउंट में पाई गई. वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान पता चला कि यह अकाउंट एक बड़े नेटवर्क के हिस्से के तौर पर खोला और संचालित किया गया था.
Police के मुताबिक जांच के दौरान साहिबाबाद के रहने वाले अकाउंट होल्डर योगेंद्र कुमार से पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मुलाकात विजय नाम के व्यक्ति से हुई थी, जिसने नौकरी दिलाने के बहाने उसका बैंक अकाउंट खुलवाया था. बाद में, इस अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से मिले पैसे लेने के लिए किया गया.
Police ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर दस आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपियों को संबंधित कोर्ट में पेश किया गया है. अन्य साथियों, लाभार्थियों और उन साइबर अपराधियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है, जिन्होंने साइबर अपराध करने के लिए इन अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था.
जांच से पता चला कि आरोपी एक संगठित ‘म्यूल अकाउंट सप्लाई रैकेट’ चला रहे थे. यह गैंग नौकरी के झूठे मौके और पैसे का लालच देकर बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था. ऐसे लोगों को अपने नाम पर बैंक अकाउंट खोलने के लिए कहा जाता था. आरोपी अकाउंट की जानकारी (क्रेडेंशियल्स), एटीएम कार्ड, चेक बुक, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं अपने कब्जे में ले लेते थे.
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एसडी/पीएम