नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) ने नीट यूजी परीक्षा से पहले एक अहम बदलाव किया है. अब तक री-एग्जाम का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए पहले बैंक डिटेल्स देना पड़ रहा था, लेकिन अब बैंक डिटेल्स देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एनटीए ने इसे हटा दिया है. अब नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स बिना बैंक डिटेल्स दिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. एनटीए का ये कदम उन छात्रों के लिए राहत की बात है, जो बैंक डिटेल्स वैरिफिकेशन लंबित होने के कारण अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे.
बीते बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर शेयर किए एक पोस्ट में एनटीए ने स्पष्ट किया कि छात्र अपने एडमिट कार्ड तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं और शुल्क वापसी प्रक्रिया के लिए अनिवार्य बैंक डिटेल्स वैरिफिकेशन बाद में पूरा कर सकते हैं. महत्वपूर्ण बात ये है कि वैरिफिकेशन पूरा होने के समय की परवाह किए बिना उम्मीदवार फीस वापसी के पात्र बने रहेंगे.
एडमिट कार्ड की 2 कॉपियां करा लें प्रिंटएनटीए ने उम्मीदवारों को कहा है कि वो जल्द से जल्द अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और 21 जून को होने वाले री-एग्जाम से पहले परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और पर्सनल डिटेल्स जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों की समीक्षा कर लें. छात्रों को ये भी सलाह दी जाती है कि वो परीक्षा के दिन के लिए एडमिट कार्ड की दो कॉपियां प्रिंटआउट कराकर तैयार रखें.
एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा📢 NEET (UG) 2026 Aspirants: Download Your Admit Card Now!
Good news! NTA has now enabled NEET (UG) 2026 Admit Card download without requiring you to enter or confirm your bank account details first.
If you were unable to download your admit card earlier because of pending bank pic.twitter.com/zHTGZ7Vmq3
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 17, 2026
पेपर लीक होने के कारण 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद निर्धारित री-एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित किया जाएगा, जिसमें बाकी की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक्स्ट्रा 15 मिनट का समय दिया जाएगा.
टेलीग्राम पर लग गया है प्रतिबंधनीट यूजी री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है. टेलीग्राम को यह भी निर्देश दिया गया है कि भारत में भेजे गए मैसेज को एडिट करने की सुविधा 30 जून तक बंद कर दी जाए. सरकार और एनटीए का तर्क है कि इससे फर्जी पेपर लीक, अफवाहों और उम्मीदवारों को ठगने वाले संगठित गिरोहों पर अंकुश लगेगा.
जालसाजों से बचाने के लिए उठाया गया कदमएनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा है कि टेलीग्राम को बैन करने वाला ये कदम जरूरी था, क्योंकि इस प्लेटफॉर्म का व्यापक रूप से दुरुपयोग करके जालसाज फर्जी प्रश्न पत्र बेच रहे थे और छात्रों और अभिभावकों को धोखा दे रहे थे. उन्होंने माना कि ये कदम कुछ ज्यादा ही कठोर लग सकता है, लेकिन छात्रों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए यह जरूरी था. उन्होंने कहा है कि सरकार जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई करेगी.
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