Kailash Mansarovar Yatra: श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर कैसे जाएं? रास्ता, परमिट, खर्च सहित यहां जानें जरूरी सवालों के जवाब
TV9 Bharatvarsh June 19, 2026 12:43 AM

Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हो चुकी है. यात्रियों का पहला जत्था (10 दल ) 15 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्ली से सिक्किम, नाथू ला दर्रा रवाना हुआ. अब उत्तराखंड से जाने वाला यात्रा का पहला दल 04 जुलाई को उत्तराखंड पहुंचेगा. इस यात्रा में भी कुल 10 दल होंगे. प्रत्येक दल में 50 श्रद्धालु होंगे. इस तरह लिपुलेख रास्ते से कुल 500 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे. श्रद्धालुओं का पहला जत्था 10 जुलाई को तिब्बत में प्रवेश करेगा. यात्रियों के आवागमन के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम 12 वाहनों की व्यवस्था करेगा.कैलाश मानसरोवर की यात्रा बहुत कठिन होती है.

हिंदू धर्म की मान्यताओंं के अनुसार, भगवान शिव का कैलाश मानसरोवर पर ही निवास है. यहां झील की परिक्रमा को बहुत विशेष माना जाता है. कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की मान्यता बौद्ध और जैन धर्म में भी है. कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की ऊंचाई समुद्र तल से 6,638 मीटर है. कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के लिए रास्ता, रजिस्ट्रेशन, परमिट, खर्च सहीत सभी जरूरी बातों के बारे में जानना आवश्य है. आइए जानते हैं.

कैलाश मानसरोवर यात्रा की जरूरू बातें

रजिस्ट्रेशन: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट https://kmy.gov.in/ पर किया जा सकता है. इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवदेन करने की अंतिम तारीख 19 मई 2026 थी. विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोग यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं.

परमिट और दस्तावेज: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वैध पासपोर्ट (कम से कम 6 महीने की वैधता), पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान प्रमाण (आधार या पैन कार्ड), मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, यात्रा बीमा और चीन का वीजा/परमिट अनिवार्य होता है.

रास्ता: क्षेत्र में प्रवेश करने लिए भारतीय नागरिकों के लिए, विदेश मंत्रालय दो आधिकारिक तीर्थयात्रा मार्ग संचालित करता है. लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड- इस रास्ते में दिल्ली से काठगोदाम से पिथौरागढ़ से धारचुला से लिपुलेख दर्रा से ताकलाकोट (तिब्बत) से कैलाश मानसरोवर. इस रास्ते से कैलाश मानसरोवर पहुंचने में करीब 22 से 25 दिन लग जाते हैं. तीर्थयात्रियों के बीच यह रास्ता बेहद लोकप्रिय है. नाथू ला दर्रा सिक्किम- यह मार्ग ज्यादातर मोटर वाहनों से सुलभ है, जिससे यह काफी आरामदायक हो जाता है और आमतौर पर इसमें लगभग 21 दिन लगते हैं. नेपाल और चीन से आने वालों के लिए तीसरा मार्ग तिब्बत की राजधानी ल्हासा की ओर से है.

चयन प्रक्रिया और खर्च: यात्रियों का चयन कंप्यूटर द्वारा रैंडम लॉटरी (लकी ड्रॉ) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाता है. सरकार की ओर यात्रा का खर्च लगभग 2,09,000 रुपये प्रति व्यक्ति आता है. वहीं नेपाल की ओर से आने पर ये खर्च 2, 30,000 से 3,00,000 रुपये प्रति व्यक्ति हो सकता है.

घूमने का अच्छा समय: मई के मध्य से लेकर सितंबर तक का समय कैलाश मानसरोवर आने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इन महीनों में तापमान काफी सुहावना रहता है, सड़कें लगभग खाली रहती हैं और ऊंचे पहाड़ी दर्रों पर बर्फ की मोटी परत नहीं जमती.

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