Krishna & Putana Story: श्रीकृष्ण ने विष पिलाने वाली पूतना को क्यों दिया मां का दर्जा? जानें ये रोचक कथा
TV9 Bharatvarsh June 19, 2026 01:43 AM

Lord Krishna’s Leela: जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु ने द्वापरयुग में श्रीकृष्ण के रूप में अवातर लिया था. श्रीकृष्ण ने दुष्टों और असुरों का नाश करके धरती पर पुन: धर्म की स्थापना की थी. भगवान ने माता देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया था. उनके जन्म की भविष्यवाणी माता देवकी और वसुदेव जी की विवाह के समय ही हो गई थी. भविष्यावाणी सुनकर देवकी जी के अत्याचारी भाई और मथुरा का राजा कंस ने उनको और वसुदेव जी को कारागार में डाल दिया था.

साथ ही पहरेदारों से देवकी जी के हर एक पुत्र की जानकारी मांगी थी, लेकिन जब भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ तो उनकी लीला से सभी पहरेदार सो गए और वसुदेव जी भगवान को गोतुल में छोड़ आए. फिर काफी समय बाद जब कंस को गोकुल और नंदगांव के नवजात बालकों के बारे में पता चला तो उसने सोचा कि भगवान श्रीकृष्ण भी उसमें शामिल होंगे, जिसके बाद उसने पूतना नाम की राक्षसी को बालक कृष्ण को मारने के लिए भेजा. पूतना ने एक एक कर सभी नवजातों को मारना शुरू किया. फिर श्रीकृष्ण को मारने पहुंची, मगर भगवान ने उसका अंत कर दिया, लेकिन क्या आप जानते हैं श्रीकृष्ण ने विष पिलाने वाली पूतना को मां का दर्जा दिया. आइए जानते हैं ये रोचक कथा.

पौराणिक कथा के अनुसार…

पौराणिक कथा के अनुसार, गोकुल पहुंचकर पूतना ने सुंदर स्त्री का रूप धारण किया. सभी गांव वासी उसके रूप से आकर्षित हो रहे थे. नंदबाबा के घर पहुंची पूतना से नन्हे कृष्ण को सोते हुए देखा. इसके बाद पूतना ने श्रीकृष्ण को अपनी गोद में उठाया. इस पर यशोदा जी ने सोचा कि देवलोक से स्वयं लक्ष्मी जी उनके कान्हा को अपना दूध पिलाने आई हैं, लेकिन पूतना ने अपने स्तनों पर कालकूट नाम का विष लगाया हुआ था. कान्हा को गोद में लेने के बाद उसने उनको दूध पिलाना शुरू कर दिया.

भगवान ने खींची पूतना की प्राण वायु

पूतना को आशा थी कि दूध पीते ही श्रीकृष्ण की मृत्यु हो जाएगी, लेकिन नन्हे कृष्ण पूतना के दूध के साथ-साथ उसकी प्राण वायु भी खींचने लगे. इस तरह भगवान ने कुछ ही क्षणों में पूतना के प्राण खींच लिए. इससे पूतना भूमि पर गिर पड़ी और अपने हाथ-पैर फैलाकर रोने लगी. उसका विशालकाय शरीर 12 किलोमीटर तक फैला हुआ था. यशोदा जी और गोपियों ने नन्हे कृष्ण को उठाया. पूतना भले ही श्रीकृष्ण को मारने आई थी, लेकिन उसने भगवान को अपना दूध पिलाया था. इस बहाने उसने भगवान के शरीर का स्पर्श किया था.

इस कारण से पूतना शुद्ध हो चुकी थी. चूंकि पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को दूध पिलाया था, इसलिए भगवान ने पूतना को मुक्ति प्रदान की. इतना ही नहीं उसको अपने धाम भेजकर पूतना को मां का दर्जा दिया.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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