PoK में बवाल से बैकफुट पर आई पाकिस्तान सरकार, समझौते के लिए आतंकी संगठन को दिया बातचीत का ऑफर
TV9 Bharatvarsh June 19, 2026 05:43 PM

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सड़कों पर विद्रोह को देखते हुए इस्लामाबाद की सरकार बैकफुट पर आ गई है. सरकार ने पीओके के प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए बातचीत का फैसला किया है. नेशनल असेंबली में बोलते हुए सत्ताधारी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो ने कहा कि हम बात करने के लिए तैयार हैं. आंदोलनकारियों के 80 प्रतिशत मांगों को हमने मान लिया है. बाकी के 20 प्रतिशत मसले को भी बातचीत से हम सुलझा लेंगे.

बिलावल भुट्टो के अलावा प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आगे किया गया है. नवाज शरीफ ने आंदोलनकारियों से बातचीत के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है. यह सब तब हो रहा है, जब कुछ दिन पहले 150 आंदोलनकारियों को पाकिस्तान की सरकार ने आतंकवादी घोषित कर दिया था.

बैकफुट पर क्यों आई पाकिस्तान सरकार? 1. सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग

पाकिस्तान सरकार ने शुरुआत में इस मुद्दे को पीपुल्स एक्शन कमेटी का मुद्दा करार दिया. सरकार की कोशिश कमेटी पर प्रतिबंध के जरिए इस मुद्दे को दबाने की थी, लेकिन इस मुद्दे ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया. तमाम कवायदों के बावजूद लोगों ने बाजार और दुकान नहीं खोले.

पीओके में पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा है. लाखों लोग सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं. इसके कारण कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की सरकार बैकफुट पर चली गई है.

2. संगठन पर बैन के बावजूद बवाल जारी

पाकिस्तान की सरकार पीओके में प्रदर्शन को देखते हुए पीपुल्स एक्शन कमेटी (JAAC) पर आतंकवाद फैलाने के आरोप में प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. संगठन के 4 शीर्ष नेताओं के खिलाफ इनाम की भी घोषणा की. इसके बावजूद संगठन का विरोध प्रदर्शन जारी है.

रावलकोट से लेकर मुजफ्फराबाद तक दुकानें बंद हैं. लोग सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के कारण अब तक पीओके में 24 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं पुलिस के 4 जवान भी मारे गए हैं.

विरोध प्रदर्शन को कंट्रोल में लेने के लिए रावलकोट में पाकिस्तान सेना की तैनाती की गई है. इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बावजूद लोग सड़कों पर हैं. पुलिस का कहना है कि अभी तक हिंसा के आरोप में 555 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

नामांकन दाखिल करने की तारीख बढ़ाई गई

चुनाव आयोग ने पीओके में नामांकन दाखिल करने की तारीख बढ़ा दी है. पहले 19 जून तक ही नामांकन दाखिल किया जा सकता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 जून कर दिया गया है. 27 जुलाई को पीओके की 45 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा.

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