Delhi Pollution Control Plan 2026: दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण गंभीर समस्या बन जाता है. चारों ओर धुंध छाई रहती है. लोगों को जहरीली सांस लेकर जीना पड़ता है. प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने इस बार पहले से तैयारी शुरू कर दी है. सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को शीतकालीन वायु गुणवत्ता प्रबंधन व्यवस्था की घोषणा की. इसके तहत नवंबर से फरवरी तक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई नए नियम लागू किए जाएंगे. इसमें सबसे खास बात यह है कि 1 नवंबर से 31 जनवरी तक राजधानी में दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड नॉन-BS VI कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पर रोक रहेगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब तक प्रदूषण बढ़ने के बाद प्रतिबंध लगाए जाते थे, जिससे लोगों और विभिन्न एजेंसियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता था. अब सरकार पहले से ही सभी जरूरी कदमों की जानकारी दे रही है, ताकि सभी संबंधित विभाग और लोग समय रहते तैयार हो सकें.
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अगर गाड़ी लेकर निकल रहे तो रखना होगा इन बातों का ध्यान…इसके साथ ही सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में अलग-अलग समय पर काम शुरू करने की व्यवस्था लागू की जाएगी. कई कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक के साथ-साथ प्रदूषण भी घटेगा.
निर्माण कार्यों पर रहेगी सख्त निगरानीसर्दियों में धूल प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी नजर रखी जाएगी. 1 नवंबर से 31 जनवरी तक सभी निर्माण एजेंसियों को पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करना होगा. विशेष रूप से 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ने की संभावना रहती है. ऐसे में कुछ निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. हालांकि जरूरी और आपातकालीन परियोजनाओं को छूट मिल सकती है. बड़े निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सप्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा.
खुले में आग जलाने वालों पर होगी कार्रवाईसर्दियों में कचरा, पत्तियां और अन्य सामान जलाने की घटनाएं भी प्रदूषण बढ़ाती हैं. इसे रोकने के लिए सरकार ने ड्रोन से निगरानी करने का फैसला किया है. इसके अलावा फील्ड टीमों को भी सक्रिय किया जाएगा. सीएम रेखा गुप्ता ने आरडब्ल्यूए और संस्थानों से अपील की है कि सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों के लिए आग जलाने के बजाय अन्य सुरक्षित हीटिंग व्यवस्था की जाए. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण से लड़ाई केवल सरकार अकेले नहीं जीत सकती. इसके लिए लोगों, आरडब्ल्यूए, उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों का सहयोग जरूरी है. सरकार का उद्देश्य है कि सभी लोग पहले से तैयारी करें और मिलकर दिल्ली की हवा को साफ बनाने में योगदान दें. सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर कम होगा. लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी.