सिर्फ कुछ सेकंड की वीडियो कॉल से खाली हो सकता है अकाउंट, जानिए नया AI स्कैम
एबीपी यूटिलिटी डेस्क June 19, 2026 06:12 PM

AI Scam: आजकल ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बना रहे हैं. इसी खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें बताया गया है कि अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको नौकरी का ऑफर दे और वीडियो कॉल पर आपसे कुछ अजीब तरह की हरकतें करवाए जैसे कैमरे की तरफ देखना सिर हिलाना पलक झपकाना या कुछ बोलना तो सावधान रहने की जरूरत है.

ऐसी छोटी-सी चीजों का इस्तेमाल करके ठग आपकी पहचान से जुड़ा डेटा इकट्ठा कर सकते हैं. अब साइबर अपराधी AI की मदद से डीपफेक वीडियो और नकली पहचान बना रहे हैं और इसका इस्तेमाल बैंक खाते और दूसरी वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने के लिए कर रहे हैं.

कैसे होती है ठगी?

ठग आजकल लोगों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया व्हाट्सऐप और अलग-अलग मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं. कई बार जॉब का लालच देते हैं या किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर फोन या वीडियो कॉल पर बात करने लगते हैं.

ऐसे इकट्ठा करते हैं जानकारी

बातचीत के दौरान ये लोग आपसे कैमरे की तरफ देखने सिर हिलाने मुस्कुराने पलक झपकाने या कुछ बोलने को कहते हैं. इसी दौरान आपकी हरकतों को रिकॉर्ड कर लिया जाता है. इतना ही नहीं, कई बार ये ठग सोशल मीडिया से भी आपकी फोटो और वीडियो इकट्ठा कर लेते हैं.

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ठग पहले वीडियो और आवाज रिकॉर्ड करते हैं. फिर उसे AI टूल में डालकर ऐसा फर्जी वीडियो बना लेते हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगता है. इसमें चेहरे के हाव भाव आंखों की हरकत और आवाज तक कॉपी कर ली जाती है.

सुरक्षा सिस्टम की आंखों में झोंका जा रहा है धूल

अगर बैंक या ऐप डीपफेक पकड़ नहीं पाता तो नकली वीडियो से आसानी से धोखा हो सकता है. ऐसे में फेस चेक और वीडियो केवाईसी भी गलत साबित हो सकती है. इसके बाद ठग फर्जी अकाउंट खोल लेते हैं, डिजिटल वॉलेट एक्टिव कर लेते हैं या किसी के खाते में घुस जाते हैं. फिर इसका इस्तेमाल पैसे निकालने और ठगी करने में किया जाता है.

खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

गृह मंत्रालय ने सुरक्षित रहने के लिए  कुछ तरीके बताए है. साथ ही डीपफेक और AI से तैयार किए गए कंटेंट की पहचान करने वाले सिस्टम अपनाने की सलाह दी गई है.

  • अनजान लोगों के साथ वीडियो कॉल पर सावधानी रखें
  • किसी के कहने पर बार बार चेहरे के हाव भाव या मूवमेंट न करें
  • सामने वाले की हर बात पर भरोसा न करें
  • अपनी बायोमेट्रिक जानकारी को लॉक और सुरक्षित रखे.
  • मोबाइल और ईमेल पर आने वाले लॉगिन अलर्ट को नजरअंदाज न करें.
  • अचानक नेटवर्क बंद हो जाए तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें.
  • यह सिम स्वैप फ्रॉड का संकेत हो सकता है.
  • बैंक अकाउंट और डिजिटल वॉलेट की गतिविधियों पर नजर रखें. साथ ही
  • कोई संदिग्ध चीज दिखे तो तुरंत एक्शन लें

शक होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर कभी आप इस तरह की ठगी का शिकार हो जाएं या किसी भी तरह की धोखाधड़ी या संदिग्ध ट्रांजेक्शन का शक हो तो तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत करें. ठग का नंबर वीडियो लिंक या जो भी जानकारी मिले वो जरूर दें. जल्दी शिकायत करने से पैसे रोकने में मदद मिल सकती है. तकनीक बढ़ रही है तो साथ में साइबर ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं इसलिए सावधान रहना जरूरी है.

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