संयुक्त राज्य अमेरिका ने सिएटल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया पर 2-0 की प्रभावशाली जीत दर्ज कर फीफा विश्व कप 2026 में अपने अभियान को शानदार ढंग से जारी रखा। इस जीत के साथ अमेरिका ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली और पुरुष विश्व कप में 96 साल बाद लगातार दो जीत दर्ज करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ा।
मॉरिसियो पोचेटिनो की टीम ने पराग्वे पर 4-1 की शानदार जीत के बाद ग्रुप डी में एक और अनुशासित प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने कैमरून बर्गेस के आत्मघाती गोल और एलेक्स फ्रीमैन के पहले विश्व कप गोल की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को हराया। इस जीत से सह-मेजबानों के दो मैचों में छह अंक हो गए और एक मैच शेष रहते ही टीम ने नॉकआउट दौर में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया।
संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह जीत केवल योग्यता तक सीमित नहीं रही। यह 1930 के पहले विश्व कप के बाद पहली बार था जब यूएसएमएनटी ने किसी पुरुष विश्व कप में अपने शुरुआती दो मैच जीते। उस समय अमेरिका ने बेल्जियम को 3-0 और पराग्वे को 3-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया था, जो अब तक उनका सर्वश्रेष्ठ विश्व कप प्रदर्शन है।
पहले हाफ में दो गोल से बढ़त
कप्तान क्रिश्चियन पुलिसिक की अनुपस्थिति के बावजूद, जो पिंडली की चोट से उबर रहे हैं, अमेरिकी टीम ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले मैच में तुर्किये पर 2-0 की जीत के बाद सिएटल में आत्मविश्वास के साथ प्रवेश किया, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका ने बेहतर बॉल पज़ेशन और मूवमेंट के जरिए शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण कर लिया।
11वें मिनट में दायें विंग से तेज़ आक्रामक मूव के बाद गोल का रास्ता खुला। वेस्टन मैककेनी ने फोलारिन बालोगुन को एक सटीक पास दिया, जिन्होंने पेनल्टी क्षेत्र के दायें हिस्से में घुसते हुए गेंद को युनुस मुसाह की दिशा में क्रॉस किया।
ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने गेंद को रोकने की कोशिश की लेकिन उनका टच गेंद को गोलकीपर मैट रायन के ऊपर से नेट में पहुंचा गया, जिससे अमेरिका को शुरुआती 1-0 की बढ़त मिली।
इस गोल ने मेजबानों को आत्मविश्वास दिया और उन्होंने खेल की रफ्तार पर नियंत्रण बनाए रखा। हाफ टाइम से ठीक पहले एक सेट-पीस मूव के बाद लगातार दबाव का फायदा उन्हें फिर से मिला।
ऑस्ट्रेलिया ने कॉर्नर को क्लियर किया लेकिन गेंद सेर्जिनो डेस्ट के पास आई। डेस्ट ने भीड़ भरे पेनल्टी बॉक्स में एक जोरदार शॉट लगाया, जो डिफ्लेक्ट होकर बैक पोस्ट की ओर चला गया।
एलेक्स फ्रीमैन ने सही समय पर छलांग लगाई और 43वें मिनट में निकट दूरी से हेडर मारकर गेंद को नेट में डाल दिया।
गोल की पुष्टि से पहले एक संक्षिप्त सेमी-ऑटोमेटेड VAR समीक्षा हुई, जिसके बाद अमेरिका 2-0 की मजबूत बढ़त के साथ हाफ टाइम में गया।
दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया की वापसी की कोशिश
दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने अपने खेल में बदलाव किया। मैनेजर टोनी पोपोविच ने रणनीति बदली और उनकी टीम ने अधिक आक्रामक रवैया अपनाया। राइली मैकग्री और जैक्सन इरविन ने मिडफील्ड पर नियंत्रण जमाया और ऑस्ट्रेलिया को कई पासिंग मूव्स के जरिए मौके बनाए।
सब्स्टीट्यूट नेस्टोरी ईरनकुंडा ने आक्रमण में तेजी लाई, जिन्होंने दायें विंग पर कई बार अमेरिकी डिफेंस को परेशान किया और खतरनाक क्रॉस दिए।
72वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया को सबसे बड़ा मौका मिला जब इरविन, मैकग्री और मिशेल ड्यूक के बीच शानदार पासिंग मूव से गोल का मौका बना, लेकिन ड्यूक का शॉट पोस्ट के पास से बाहर चला गया।
हैरी सुतार की ऊंची छलांगों ने भी अमेरिकी गोलकीपर मैट टर्नर को सतर्क रहने पर मजबूर किया, जिन्होंने एक महत्वपूर्ण बचाव कर क्लीन शीट बरकरार रखी।
अंतिम मिनटों में अमेरिका ने रक्षात्मक रवैया अपनाया। टिम रीम और वॉकर ज़िम्मरमैन ने डिफेंस को मजबूती से संभाला और लगातार ऑस्ट्रेलियाई हमलों को विफल किया।
88वें मिनट में फोलारिन बालोगुन और सुतार के बीच झड़प हुई, जिसके चलते दोनों खिलाड़ियों को पीला कार्ड मिला। मैच के अंत में खेल और अधिक शारीरिक हो गया, जो ऑस्ट्रेलिया की हताशा को दर्शाता था।
हालांकि दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया, लेकिन वे गोल करने में नाकाम रहे। छह मिनट के इंजरी टाइम के बाद अंतिम सीटी बजते ही अमेरिका ने 2-0 की जीत दर्ज की।
ऐतिहासिक उपलब्धि और ग्रुप डी की स्थिति
आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने पूरे मैच पर नियंत्रण रखा। सह-मेजबानों ने 63 प्रतिशत पज़ेशन रखा, 494 सटीक पास पूरे किए जबकि ऑस्ट्रेलिया के पास 249 रहे। उन्होंने 8-5 के अनुपात में अधिक शॉट लिए। दोनों टीमों ने दो-दो शॉट ऑन टारगेट किए, लेकिन अमेरिका निर्णायक मौकों पर ज्यादा प्रभावी रहा।
इस जीत के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया और ग्रुप डी के शीर्ष पर मजबूती से काबिज हो गया। ऑस्ट्रेलिया अभी भी नॉकआउट चरण में पहुंचने की दौड़ में बना हुआ है, लेकिन अब उसका रास्ता कठिन हो गया है।
पोचेटिनो की टीम के लिए यह जीत केवल योग्यता नहीं बल्कि इतिहास का पुनर्लेखन थी। 96 साल बाद अमेरिका ने लगातार विश्व कप जीत दर्ज कर 1930 की उपलब्धि को दोहराया है। अब जब टीम अगले दौर में पहुंच चुकी है और उसका आत्मविश्वास बढ़ रहा है, तो सह-मेजबान टूर्नामेंट की सबसे दिलचस्प टीमों में से एक बनकर उभर रहे हैं।