Sawan month 2026: सावन का महीना सिर्फ बारिश या हरियाली का मौसम नहीं होता, बल्कि इसे भगवान शिव की भक्ति और आशीर्वाद पाने का सबसे पवित्र समय माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि इस महीने में की गई छोटी-सी भक्ति भी भोलेनाथ की विशेष कृपा दिला सकती है.
इसलिए अगर सावन शुरू होने से पहले घर और जीवन में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर लिए जाएं, तो सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का रास्ता खुल सकता है. आइए जानते हैं सावन से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या बदलाव जरूरी माने जाते हैं.
सावन आने से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करना बहुत जरूरी माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान शिव स्वच्छ और पवित्र स्थान में ही वास करते हैं.
इसलिए घर के हर कोने को साफ करें और पुरानी, टूटी या बेकार चीजों को बाहर निकाल दें. इससे घर में हल्कापन और सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है.
इस पवित्र महीने में कोशिश करें कि घर का वातावरण शांत और सात्त्विक रहे. इसलिए प्याज़, लहसुन, शराब, सिगरेट और मांसाहार जैसी चीजों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है.
इससे न सिर्फ वातावरण साफ होता है, बल्कि मन भी शांत रहता है और पूजा में मन लगता है.
डमरू: डमरू भगवान शिव की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसे घर के पूजा स्थान में रखने से नकारात्मकता दूर होती है और वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है.
नंदी की मूर्ति: नंदी भगवान शिव के सबसे प्रिय भक्त माने जाते हैं. शिव मंदिर के सामने नंदी की मूर्ति रखने से भक्ति में स्थिरता आती है और मन में श्रद्धा बढ़ती है.
रुद्राक्ष: रुद्राक्ष को भगवान शिव का अत्यंत पवित्र प्रतीक माना गया है. इसे घर में रखने या धारण करने से मन शांत होता है और ध्यान एकाग्र रहता है.
अगर घर में किसी देवी-देवता की टूटी या खंडित मूर्ति है, तो उसे सावन से पहले सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए. ऐसी मूर्तियों को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं.
घर में बंद पड़ी घड़ियां, खासकर मंदिर में रखी हुई, रुकी हुई ऊर्जा का संकेत मानी जाती हैं. इसी तरह फटी हुई धार्मिक किताबों को भी सम्मान के साथ हटा देना चाहिए, ताकि घर का माहौल पवित्र बना रहे.
सावन के कुछ खास दिनों, खासकर सोमवार को जमीन पर सोना भी शुभ माना जाता है. इससे मन में विनम्रता आती है और भक्ति भाव गहरा होता है. यह एक तरह का आत्म-अनुशासन भी माना जाता है जो जीवन में संतुलन लाता है.