Naranag Temple Reopen:जम्मू-कश्मीर में व्यापक सुरक्षा समीक्षा के बाद सेंट्रल कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित ऐतिहासिक नारानाग मंदिर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोबारा खोलने का फैसला किया है. इस निर्णय से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. बता दें कि बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस मंदिर को बंद कर दिया गया था.
इस संबंध में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति का विस्तृत आकलन करने के बाद मंदिर को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है. एलजी कार्यालय ने कहा कि गांदरबल स्थित नारानाग मंदिर अब भक्तों और पर्यटकों के लिए खुला रहेगा. नारानाग मंदिर को कश्मीर के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है.
आतंकी हमले के बाद से बंद था मंदिरAfter thorough security review, decision has been taken to open the Naranag Temple at Ganderbal for devotees and tourists.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) June 20, 2026
इस प्राचीन मंदिर की वास्तुकला और इसके आसपास का वास्तुकला हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है. मंदिर के दोबारा खुलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है. पिछले वर्ष पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने एहतियातन नारानाग मंदिर को बंद कर दिया था. इसके बाद से यहां आम लोगों और पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी.
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फिर से खुला नारानाग मंदिरहालांकि, अब सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की ओर से हालात की समीक्षा किए जाने के बाद मंदिर को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से श्रद्धालुओं को धार्मिक दर्शन की सुविधा मिलेगी, वहीं कश्मीर के पर्यटन उद्योग को भी सकारात्मक लाभ पहुंचेगा. स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.