Peepal Tree Significance: सनातन धर्म में पीपल के वृक्ष को बहुत पावन माना जाता है. शास्त्रों और पुराणों में बताया गया है इस वृक्ष में जगत के रचयिता ब्रह्मा जी, सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और संहार के देवता महादेव वास करते हैं. इस वृक्ष की महत्ता स्वयं भगवान कृष्ण ने गीता में बताई है. भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल के लिए गीता में कहा है, ‘अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम, मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरुपिणे, अग्रतः शिवरूपाय अश्वत्थाय नमो नमः.’
श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि मैं वृक्षों में पीपल हूं. इसकी जड़ में ब्रह्मा जी, तने में विष्णु जी और वृक्ष के अग्र भाग या पत्तियों में भगवान शिव वास करते हैं. वहीं स्कंद पुराण के अनुसार भी पीपल की जड़ में भगवान विष्णु, तने में केशव अर्थात श्रीकृष्ण, डालियों या शाखाओं में नारायण और फलों में समस्त देवताओं का वास है, लेकिन इसके बाद भी रविवार को पीपल के वृक्ष की पूजा वर्जित है. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में दरिद्रता का वास हो जाता है.
कथा के अनुसार…रविवार को पीपल की पूजा न करने के पीछे की वजह एक कथा है. कथा के अनुसार, एक बार माता लक्ष्मी और उनकी बहन दरिद्रा भगावन विष्णु के पास पहुंची और रहने के लिए स्थान मांगा. इस पर भगवान ने माता लक्ष्मी और उनकी बहन को पीपल के पेड़ में रहने के लिए कह दिया. इसके बाद दोनों बहनों का निवास पीपल में हो गया. इसके बाद एक बार भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी से विवाह की बात कही. इस पर माता ने कहा कि दरिद्रा के विवाह के बाद ही वो विवाह कर सकती हैं.
इसके बाद भगवान विष्णु ने दरिद्रा से पूछा कि उनको कैसा वर चाहिए. इस पर दरिद्रा ने कहा कि वो ऐसा वर चाहती हैं, जो कभी पूजा-पाठ न करें और उनको ऐसी जगह पर रखे, जहां कोई पूजा-पाठ न करता हो. दरिद्रा के मांगे गए वरदान के अनुसार, भगवान ने उनका विवाह ऋषि से कराया और रविवार के दिन अपने निवास स्थान पीपल में वास करने के कह दिया.
रविवार को पीपल पर दरिद्रा का वासइस तरह से रविवार के दिन पीपल में देवताओं का वास नहीं होता है. इस दिन वृक्ष पर दरिद्रा का वास होता है. इसलिए रविवार को पीपल की पूजा न करने की सलाह दी जाती है. इस दिन पीपल की पूजा करने पर दरिद्रा प्रसन्न हो जाती है और जो पूजन करता है उसके घर में प्रवेश कर लेती है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.