आनंद महिंद्रा ने बताया सफलता का मंत्र, वैभव सूर्यवंशी से सीखें दबाव में शांत रहना
TV9 Bharatvarsh June 21, 2026 09:43 PM

किशोर क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में उन्होंने धमाकेदार पारी खेलते हुए लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया. महज 15 साल के इस ओपनर की उपलब्धि की क्रिकेट प्रशंसकों, पूर्व खिलाड़ियों और कारोबारी जगत के दिग्गजों ने जमकर तारीफ की. इनमें उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी शामिल रहे, जिन्होंने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी मानसिक मजबूती ने उन्हें प्रभावित किया.

वैभव की यह पारी उस घटना के कुछ ही दिनों बाद आई, जब पिछले मैच में मैदान पर उनका एक खिलाड़ी से विवाद हो गया था. लेकिन उस घटना का असर अपने खेल पर पड़ने देने के बजाय उन्होंने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि विरोधी टीम के पास कोई जवाब नहीं बचा.

आनंद महिंद्रा ने की वैभव की सोच की तारीफ

आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पारी सिर्फ रिकॉर्ड की वजह से खास नहीं थी, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इतने कम उम्र के खिलाड़ी ने शानदार परिपक्वता दिखाई.

उन्होंने लिखा, “11 गेंदों में अर्धशतक. अविश्वसनीय. लेकिन मैं सिर्फ इस आंकड़े की तारीफ नहीं कर रहा हूं. पिछले मैच में मैदान पर हुई बहस के बाद वह उस घटना का बोझ अपने साथ लेकर इस मैच में आ सकते थे.”

महिंद्रा ने आगे कहा, “लेकिन उन्होंने अपने बल्ले को जवाब देने दिया. प्रतिभा भगवान का दिया हुआ उपहार है, लेकिन स्वभाव और संयम एक चुनाव है. यही संयम उन्हें बड़ा सितारा बनाएगा.”

महिंद्रा की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया गया और कई लोगों ने माना कि मुश्किल हालात में वैभव की प्रतिक्रिया उनकी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाती है.

लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक

वैभव सूर्यवंशी ने यह ऐतिहासिक कारनामा ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में किया. श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, जिसके बाद वैभव प्रियांश आर्य के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे.

उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 2005-06 सीजन में घरेलू क्रिकेट के एक मैच में 12 गेंदों में पचासा लगाया था.

वैभव ने इस दौरान भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले किसी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से पंजाब के खिलाफ 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी.

शतक से चूके, लेकिन छोड़ गए गहरी छाप

रिकॉर्ड अर्धशतक पूरा करने के बाद भी वैभव का आक्रामक खेल जारी रहा और ऐसा लग रहा था कि वह अपना पहला लिस्ट ए शतक भी पूरा कर लेंगे. हालांकि, 29 गेंदों में 94 रन बनाकर वह अराच्चिगे की गेंद पर मिड-ऑफ पर कैच आउट हो गए.

उनकी इस विस्फोटक पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे. खास बात यह रही कि उनके सिर्फ 3 रन ही सिंगल से आए. भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी यह पारी लिस्ट ए क्रिकेट की सबसे यादगार आक्रामक पारियों में शामिल हो गई.

यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि टूर्नामेंट में इससे पहले भारत ए के लिए उनका प्रदर्शन बल्ले से अपेक्षाकृत शांत रहा था. लेकिन फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उन्होंने दिखा दिया कि दबाव में शांत रहकर कैसे बड़ा प्रदर्शन किया जाता है.

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