देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 संपन्न हो चुकी है. दिल्ली के पंडारा रोड स्थित NEET परीक्षा केंद्र पर परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों के चेहरों पर राहत तो दिखी, लेकिन स्टूडेंट्स का कहना है कि इस बार का पेपर पिछले पेपर के मुकाबले थोड़ा कठिन रहा. पेपर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. ज्यादातर छात्रों का कहना है कि इस बार फिजिक्स के सवाल काफी कठिन थे और उन्हें हल करने में ज्यादा समय लगा. वहीं बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहे, जिससे छात्रों को कुछ राहत मिली.
छात्रों ने पिछली बार पेपर लीक विवाद के बाद इस बार किए गए सुरक्षा इंतजामों की भी सराहना की. उनका कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बेहतर रही और NTA की ओर से निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई. इस बार परीक्षा के लिए दिए गए अतिरिक्त 15 मिनट का फायदा भी छात्रों को मिला. कई अभ्यर्थियों ने बताया कि अतिरिक्त समय मिलने से उन्हें ज्यादा सवालों को पढ़ने और उनके आंसर देने का अवसर मिला, जिससे पेपर हल करने में सहूलियत हुई.
NTA ने पूरी सतर्कता बरतीहालांकि परीक्षा समाप्त होने के बाद बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन की प्रक्रिया के कारण छात्रों को केंद्र से बाहर निकलने में थोड़ा अधिक समय लगा. इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने व्यवस्था को संतोषजनक बताया. फिलहाल NEET-UG 2026 की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है और छात्रों के मुताबिक इस बार NTA ने पूरी सतर्कता बरतते हुए किसी भी प्रकार की चूक की संभावना को न्यूनतम रखने का प्रयास किया. अब सभी की नजरें रिजल्ट और संभावित कट-ऑफ पर टिकी हुई हैं.
NTA ने सुरक्षा के लिए किए कड़े इंतजामपेपर लीक विवाद के बाद इस बार NEET परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करना NTA के लिए बड़ी जिम्मेदारी रही. आज देशभर के लगभग 22 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इस बार 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा की निगरानी के लिए 2 लाख से ज्यादा कर्मियों, 674 सिटी कोऑर्डिनेटरों और 6,669 ऑब्जर्वरों की तैनाती की गई है. नकल और धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था भी लागू की गई है.