जापानी दिग्गज कंपनियों के साथ पीएम ताकाइची की भारत यात्रा, तकनीक और उद्योग में बढ़ेगा सहयोग
Indias News Hindi June 22, 2026 01:42 AM

New Delhi, 21 जून . जापान की कंपनी सुजुकी मोटर कोऑपरेशन के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी और बड़ी ट्रेडिंग कंपनी इटोचू कोऑपरेशन के शीर्ष अधिकारी उन कारोबारी नेताओं में शामिल होंगे, जो Prime Minister साने ताकाइची के साथ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए India आएंगे. यह बैठक जुलाई के पहले हफ्ते में असम के गुवाहाटी में होने वाली है.

निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापानी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का मुख्य ध्यान India में निवेश के अवसरों, उद्योगों के बीच सहयोग और सप्लाई चेन (आपूर्ति व्यवस्था) को मजबूत करने पर रहेगा.

यह Prime Minister ताकाइची की अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद India की पहली यात्रा होगी.

13 जून को असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि राज्य अगले महीने एक ‘शक्तिशाली वैश्विक नेता’ के स्वागत की तैयारी कर रहा है.

गुवाहाटी में होने वाली यह बैठक India और जापान के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को और गति दे सकती है. यह ऐसे समय हो रहा है जब असम भी सेमीकंडक्टर उत्पादन के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है.

भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी में आर्थिक सुरक्षा एक अहम मुद्दा है, जिसमें सेमीकंडक्टर, जरूरी खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई टेक्नोलॉजी और इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं.

दोनों देशों के शिखर सम्मेलन में टेलीकॉम, दवाइयों, जरूरी खनिजों, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने की संयुक्त पहल शुरू की गई थी. साथ ही, दोनों देशों ने स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थन में अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, सभी सैन्य क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास बढ़ाने और नौसैनिक तकनीक में सहयोग करने पर भी सहमति जताई.

जापान की ओर से 2023 में घोषित ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ योजना का एक हिस्सा बंगाल की खाड़ी को पूर्वोत्तर India से जोड़ने वाला औद्योगिक गलियारा बनाना था. अब India और जापान की Governmentें इस योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं.

पिछले साल 29-30 अगस्त को टोक्यो में हुए 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में Prime Minister Narendra Modi और उनके तत्कालीन जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा ने दोनों देशों की ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप’ को और मजबूत किया था. इस बैठक में अगले 10 सालों के लिए अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों का रोडमैप तैयार किया गया था.

जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के 2024 के सर्वे के अनुसार, India अगले तीन सालों के लिए जापानी कंपनियों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश देश बना हुआ है. India को 58.7 प्रतिशत वोट मिले, जो 2023 के 48.6 प्रतिशत से ज्यादा है. लगातार 15वीं बार India को अगले 10 सालों के लिए सबसे संभावनाओं वाले देश के रूप में पहला स्थान मिला है. कई कंपनियों ने India में निवेश करने का मुख्य कारण यहां के बाजार की भविष्य की बढ़ती संभावनाओं को बताया.

India में जापानी निवेश पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. जापान से India में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2022-23 में 1.79 अरब डॉलर और 2023-24 में 3.1 अरब डॉलर रहा. 2024-25 में दिसंबर तक यह 1.36 अरब डॉलर रहा. साल 2000 से दिसंबर 2024 तक जापान का India में कुल निवेश करीब 43.2 अरब डॉलर पहुंच गया है. निवेश करने वाले देशों में जापान पांचवें स्थान पर है.

India में जापानी निवेश मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल उपकरण, टेलीकॉम, केमिकल, वित्तीय सेवाओं (बीमा) और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में हुआ है.

India में रजिस्टर्ड जापानी कंपनियों की संख्या करीब 1,400 है. जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जेईटीआरओ) और India में जापान दूतावास के संयुक्त सर्वे के अनुसार, इनमें से लगभग आधी कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी हैं. इन कंपनियों के India में करीब 5,000 कारोबारी प्रतिष्ठान हैं, जिनमें कार्यालय, शाखाएं और स्थानीय कंपनियां शामिल हैं.

इसके अलावा, 100 से ज्यादा भारतीय कंपनियां जापान में भी काम कर रही हैं.

एवाई/डीकेपी

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.