ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ होने वाली तकनीकी बातचीत से पहले मिनाब स्कूल घटना के पीड़ितों को याद किया. उन्होंने कहा कि इन मासूम बच्चों की यादें वेस्ट एशिया में दुश्मनी खत्म करने की दिशा में होने वाली बातचीत में ईरान के फैसलों को मार्गदर्शन देंगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में गालिबाफ ने कहा कि वह और ईरानी डेलीगेशन मिनाब के बच्चों और अन्य ईरानी शहीदों को अपने हर कदम में याद रख रहे हैं. उन्होंने लिखा कि वे हमेशा यह महसूस करते हैं कि ये लोग उन्हें देख रहे हैं और उनसे उम्मीद रखते हैं कि वे देश के साथ न्याय करेंगे.
गालिबाफ ने मिनाब168 हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए यह मैसेज मिनाब स्कूल के बच्चों की स्मृति को समर्पित किया. यह बयान उस समय आया जब ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ तकनीकी बातचीत के पहले दौर के लिए स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचा.
کودکان مظلوم میناب و تمام شهدای ایران عزیز را هر لحظه ناظر اعمال و رفتار خود میدانم. آنها ما را میبینند و از ما انتظار دارند.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) June 20, 2026
خدا کند که شرمندهٔ شهدای مظلوم و ملت ایران نباشم و روسفید به یارانم بپیوندم که برای دیدنشان لحظهشماری میکنم.
#Minab168
به یاد بچههای مدرسهٔ میناب pic.twitter.com/UDvZJOyJo2
ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, इस डेलीगेशन को खुद गालिबाफ ही लीड कर कर रहे हैं. इसमें विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, केंद्रीय बैंक के गवर्नर, तेल मंत्रालय के अधिकारी और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भी मौजूद हैं. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के साथ हुए समझौते (MoU) के तहत पहले से तय बिंदुओं के कार्यान्वयन पर चर्चा करना है. ईरान का कहना है कि बातचीत का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि दोनों पक्ष अपने वादों को सही तरीके से लागू करें
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि बातचीत का मुख्य मकसद पहले से तय समझौतों के पालन की समीक्षा करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अतीत में हुए अनुभवों को ध्यान में रखते हुए किसी भी समझौते के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रखेगा. स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लागू करने की कोशिशों का हिस्सा है.
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