देश में नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों के लिए रिटायरमेंट की प्लानिंग को बेहद आसान बनाने की एक बड़ी तैयारी चल रही है. अब आपको पेंशन खाता (NPS) खुलवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या जटिल ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) मिलकर एक ऐसी व्यवस्था ला रहे हैं, जिससे आप अपने मोबाइल में मौजूद BHIM ऐप के जरिए महज कुछ मिनटों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का खाता खोल सकेंगे. इसके साथ ही सरकार एक और बड़े कदम पर काम कर रही है, जिसके तहत कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के तहत मिलने वाले पेंशन फंड (EPS) के पैसे को सीधे NPS खाते में ट्रांसफर करने की सुविधा मिल सकती है.
BHIM ऐप से मिनटों में शुरू होगी पेंशन की बचतइस नई डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसमें खाता खोलने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और झंझट मुक्त बनाया जा रहा है. आमतौर पर किसी भी वित्तीय योजना से जुड़ने के लिए नए सिरे से नो योर कस्टमर (KYC) की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. लेकिन BHIM ऐप के जरिए NPS खाता खोलते समय आपको अलग से दस्तावेज़ जमा नहीं करने होंगे. यह सिस्टम आपके बैंक खाते से जुड़ी मौजूदा KYC जानकारी का ही इस्तेमाल करेगा. इसका मतलब यह है कि देश का कोई भी नागरिक जितनी आसानी से UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर करता है, उतनी ही आसानी से कुछ ही क्लिक में अपना पेंशन अकाउंट चालू कर सकेगा. इससे डिजिटल रूप से कम जागरूक लोग भी आसानी से इस योजना से जुड़ पाएंगे.
पेंशन फंड को ट्रांसफर करने का नया विकल्पवर्तमान वित्तीय व्यवस्था में कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म के रूप में काम करते हैं. मौजूदा नियमों के अनुसार, इनके बीच सीधे फंड ट्रांसफर करने की कोई सुविधा नहीं है. लेकिन अब सरकार इन दोनों प्रणालियों के बीच पोर्टेबिलिटी यानी पैसे ट्रांसफर करने के कानूनी प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है. यदि इस संबंध में आवश्यक कानूनी संशोधन मंजूर हो जाते हैं, तो कर्मचारी अपने भविष्य निधि (PF) के तहत आने वाले पेंशन फंड का पैसा सीधे NPS में शिफ्ट कर सकेंगे. यह कदम निवेशकों को अपने निवेश पर अधिक नियंत्रण देने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा.
निवेशकों को मिलेगी बेहतर रिटर्न चुनने की आजादीइस व्यवस्था के लागू होने से नौकरीपेशा लोगों को यह तय करने का अधिकार मिलेगा कि वे अपने पैसे को कहां रखना चाहते हैं. वर्तमान में EPS में जमा राशि पर एक निश्चित ब्याज मिलता है, जबकि NPS पूरी तरह से मार्केट-लिंक्ड योजना है जो बाजार के प्रदर्शन के आधार पर रिटर्न देती है. पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने NPS को अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, जैसे कि अब इसमें 100% तक इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश की अनुमति है. लंबी अवधि में यह विकल्प पारंपरिक बचत योजनाओं की तुलना में बेहतर रिटर्न दे सकता है. इसके अलावा, NPS खाताधारक 60 साल की उम्र के बाद भी 85 वर्ष की आयु तक अपने निवेश को जारी रख सकते हैं, जो इसे एक लचीला विकल्प बनाता है.
गिग वर्कर्स, छोटे व्यापारियों को मिलेगा बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवचइस डिजिटल बदलाव का सबसे व्यापक असर देश के असंगठित क्षेत्र, छोटे दुकानदारों और फ्रीलांसर या गिग वर्कर्स पर पड़ेगा. पारंपरिक रूप से इस वर्ग के पास रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा या नियमित पेंशन का कोई ठोस जरिया नहीं होता था. BHIM ऐप जैसे बड़े और भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह सुविधा आने से इसकी पहुंच सीधे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक हो जाएगी. इससे हर वर्ग का व्यक्ति अपनी सुविधानुसार छोटी-छोटी रकम बचाकर बुढ़ापे के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकेगा.
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