गजब! मृत किसान के खाते से निकाले 15000 रुपए, बैंक बोला- 'चेहरा और साइन मिलते थे'
TV9 Bharatvarsh June 23, 2026 02:43 AM

Jaisalmer News: राजस्थान के जैसलमेर में मृतक व्यक्ति के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है. इस दौरान कोऑपरेटिव बैंक में मृत व्यक्ति के खाते से हजारों की नकद राशि निकाली गई. हैरान कर देने वाले इस मामले के उजागर होने के बाद जैसलमेर के कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं. इस बीच बैंक का बड़ा ही गैर जिम्मेदाराना जवाब सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इधर, कोऑपरेटिव बैंक में मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने के मामले पर अब बैंक की साख पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. यदि बैंक में इस तरह का खेल देखने को मिलेगा तो क्या अब लोगों के मेहनत की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह पाएगी?

मृतक के खाते से निकाले 15 हजार रुपए

हैरान कर देने वाले इस कारनामा ने जैसलमेर के कोऑपरेटिव बैंक में चल रहे खेल को उजागर किया है, जहां एक किसान जुम्मा खां की मृत्यु 6 महीने पहले यानी 5 जनवरी को हुई थी. इस बीच कोऑपरेटिव बैंक में मृतक के खाते से दो बार में 15000 रुपए की राशि निकाली गई. इनमें 2 अप्रैल को 5,000 और 6 मई को 10,000 रुपए निकाले गए हैं. ऐसे में अब सवाल खड़े हो गए हैं यदि खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है तो फिर विड्रॉल से उसके खाते से कैसे भुगतान किया गया और किसने यह पैसे निकाले?

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बैंक को पता ही नहीं किसने निकाल लिए पैसे

इस संबंध में जैसलमेर की कलेक्टर से गुहार की गई तो कलेक्टर ने इस मामले में बैंक से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन यह स्पष्टीकरण काफी चौंकाने वाला था. इसमें बैंक ने बताया कि उनकी शाखा में हर दिन से 300 से 400 आदमी आते हैं, सेम शक्ल व हस्ताक्षर पाए जाने से भुगतान किया गया. ऐसे में पता नहीं चल पाया है कि किसने खाते से राशि निकाली है, इसीलिए व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल है. बैंक के इस गैर जिम्मेदाराना जवाब ने अपनी लापरवाही को उजागर कर दिया है.

जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के दिए आदेश

इधर, जैसलमेर कलेक्टर को बैंक ने जो जवाब दिया, उससे संदेह प्रकट हो रहा है कि इसमें कोई बड़ी मिली भगत है. इस मामले में कलेक्टर ने बैंक के खिलाफ शिकायत की जांच के आदेश दे दिए हैं. इसमें सवाल उठता है कि यदि बैंक में खाता धारकों की जगह अगर कोई दूसरा शख्स पैसे निकालने में कामयाब रहता है, तो या तो यह बैंक की बड़ी लापरवाही है या फिर बैंक में किसी की मिलीभगत है. बैंक में लोगों की कमाई सुरक्षित रहेगी या नहीं इसको लेकर अब संशय प्रकट हो गया है. इधर, कोऑपरेटिव बैंक की व्यवस्था और कार्य प्रणाली को लेकर जैसलमेर में चर्चा जोरों पर है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच के बाद क्या एक्शन लेता है?

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