मानसून सीजन में कितनी होनी चाहिए कार में हवा? जानें सही एयर-प्रेशर
कविता गाडरी June 23, 2026 08:12 PM

Monsoon Tyre Car Pressure: देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून एक्टिव हो चुका है और कई राज्यों में बारिश भी हो रही है. ऐसे में बारिश के मौसम को देखते हुए कई लोग घूमने के लिए पहाड़ों की तरफ निकलते हैं. हालांकि बारिश के मौसम में कार से घूमने जाने का मजा अलग होता है, लेकिन इसके साथ ही बारिश के मौसम में गाड़ी का भी खास ख्याल रखना पड़ता है. क्योंकि सड़कों पर पानी भरा होने की वजह से गाड़ी से जुड़ी समस्याएं हो सकती है. खासकर गाड़ी में हवा का प्रेशर सही न हो तो दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं मानसून के सीजन में कार में हवा कितनी होनी चाहिए और सही प्रेशर कितना होता है. 

मानसून में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर? 

आमतौर पर कारों के लिए 30 से 35 पीएसआई के बीच टायर प्रेशर सही माना जाता है, हालांकि बारिश के मौसम में एक्सपर्ट्स सामान्य दबाव से 2 से 3 पीएसआई कंप्रेसर रखने की सलाह देते हैं,  जिसका मतलब है कि अगर आपकी कार के लिए 35 पीएसआई प्रेशर निश्चित है, तो मानसून में इसे 31 से 32 पीएसआई के आसपास रखा जा सकता है. कम प्रेशर रखने से टायर का सड़क के साथ संपर्क क्षेत्र थोड़ा बढ़ जाता है, जिससे गिली सड़क पर पकड़ बेहतर होती है और इससे ब्रेकिंग के दौरान कार के फिसलने की संभावना भी कम हो जाती है. 

हर कार के लिए अलग होता है प्रेशर 

टायर प्रेशर को लेकर कोई एक नियम सभी वाहनों पर लागू नहीं होता है. अलग-अलग कारों और टायरों के लिए प्रेशर की अलग-अलग तय होता है. इसलिए वाहन निर्माता कंपनी की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना सबसे सही माना जाता है. कार का सही टायर प्रेशर वाहन की ओनर मैनुअल में दिया होता है. इसके अलावा ड्राइवर साइड डोर फ्रेम पर लगे स्टीकर पर भी इसकी जानकारी मिल जाती है. ऐसे में मानसून में प्रेशर कम करने से पहले कंपनी के निर्देशों को जरूर देख लेने की सलाह दी जाती है. 

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ज्यादा या कम एयर प्रेशर हो सकता है नुकसानदायक 

सिर्फ कम हवा ही नहीं बल्कि जरूरत से ज्यादा प्रेशर भी समस्या पैदा कर सकती है. ज्यादा हवा होने पर टायर का सड़क से काॅन्टेक्ट कम हो जाता है, जिससे गीली सड़क पर ग्रिप कमजोर पड़ सकती है. वहीं कम प्रेशर होने पर टायर तेजी से घिस सकता है और माइलेज पर असर पड़ता है. अगर टायर में हवा कम हो तो वाहन की हैंडलिंग भी भारी महसूस हो सकती है और स्टीयरिंग रिस्पाॅन्स भी प्रभावित होता है. वहीं जरूरत से ज्यादा हवा होने पर गाड़ी उछलती हुई महसूस हो सकती है.

बारिश के मौसम में नियमित जांच है जरूरी 

मानसून के दौरान तापमान और मौसम में लगातार बदलाव होता रहता है, जिसका असर टायर प्रेशर पर भी पड़ता है. इसलिए एक्सपर्ट समय-समय पर टायर प्रेशर जांचने की सलाह देते हैं. आजकल कई कारों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया जा रहा है, जो प्रेशर में होने वाले बदलाव की जानकारी तुरंत देता है. अगर गाड़ी में यह सुविधा नहीं है, तो पेट्रोल पंप या सर्विस सेंटर पर आप एयर प्रेशर की जांच नियमित रूप से करा सकते हैं.

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