बिहार: NEET सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड निकला MBBS छात्र, EOU को सौंपी गई जांच
TV9 Bharatvarsh June 23, 2026 11:43 PM

NEET Exam Fraud: बिहार में एक बार फिर NEET परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि मेडिकल कॉलेज का एक छात्र ही कथित सॉल्वर गैंग का सरगना बनकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर निवासी अर्पित सिंह ने उत्तर बिहार को अपना अड्डा बनाकर एक संगठित सॉल्वर सिंडिकेट तैयार किया था, जिसका मकसद मेडिकल प्रवेश परीक्षा में असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे छात्रों को बैठाकर अवैध तरीके से सफलता दिलाना था.

जानकारी के मुताबिक, अर्पित सिंह मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके के यादव नगर का रहने वाला है और वर्तमान में गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अर्पित ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर ऐसा नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें सॉल्वर तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में हेरफेर तक की व्यवस्था की गई थी.

पुलिस ने जब्त किया सामान

मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने मगध मेडिकल कॉलेज के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में स्थित अर्पित के कमरे पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसका इलेक्ट्रॉनिक टैब जब्त किया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस टैब से गैंग के अन्य सदस्यों, लेन-देन और परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं.

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अर्पित ने उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को मोटी रकम का लालच देकर अपने नेटवर्क से जोड़ा था. इन छात्रों को कथित तौर पर सॉल्वर के रूप में तैयार किया गया और उन्हें अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया, ताकि वे वास्तविक उम्मीदवारों की जगह परीक्षा में शामिल हो सकें.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क काफी सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था. परीक्षा प्रक्रिया में शामिल विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ी करने की कोशिश की गई थी, जिससे जांच एजेंसियां पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही हैं.

EOU को सौंपी गई जांच

मामले की व्यापक जांच के लिए इसे अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दिया गया है. गौरतलब है कि वर्ष 2024 में बिहार में सामने आए चर्चित NEET पेपर लीक मामले का खुलासा भी EOU ने ही किया था. बाद में उस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी.

फिलहाल EOU पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा में शामिल कराया गया. मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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