ईरान से जुड़े तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच जिस समुद्री रास्ते पर दुनिया की नजर टिकी हुई थी, वहां अब हलचल बढ़ती दिखाई दे रही है. फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही में फिर तेजी आने लगी है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में करीब दो दर्जन व्यावसायिक जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं. यानी औसतन हर घंटे एक जहाज होर्मुज से होकर निकल रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से दूसरे देशों तक पहुंचता है. जानकारी के अनुसार, इन जहाजों में तेल ले जाने वाले टैंकर और कार्गो जहाज दोनों शामिल हैं. पिछले 24 घंटों में 8 तेल टैंकर और 2 कार्गो जहाज फारस की खाड़ी से बाहर निकले, जबकि 8 तेल टैंकर और 6 कार्गो जहाज खाड़ी के अंदर पहुंचे. यह संख्या पिछले कुछ महीनों की तुलना में ज्यादा है.
पहले गुजरते थे 110 जहाजदरअसल, फरवरी के आखिर में शुरू हुए ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी. सुरक्षा कारणों और बढ़ते तनाव की वजह से कई शिपिंग कंपनियां सतर्क हो गई थीं. हालांकि, युद्ध से पहले हर दिन औसतन 110 जहाज होर्मुज से गुजरते थे, लेकिन बाद में यह संख्या काफी घट गई थी. पिछले कुछ महीनों में एक और बड़ी समस्या GPS स्पूफिंग भी रही. इसमें जहाजों के नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर दी जाती है, जिससे उनकी लोकेशन गलत दिखाई देने लगती है. इससे जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. हालांकि, हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में कमी देखने को मिली है.
अहम समुद्री व्यापार मार्ग हैहोर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. इसलिए यहां जहाजों की बढ़ती आवाजाही को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है. फिलहाल दुनिया की नजर इस रूट पर बनी हुई है, क्योंकि यहां का हर बदलाव तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है.