पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में तारिक रहमान की नई सरकार बनने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि इस्लामिक कट्टरपंथियों पर नकेल कसा जाएगा. मगर ऐसा होता दिख नहीं रहा है बल्कि उसका दबाव और बढ़ ही गया है. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि बांग्लादेश के गाइबांधा में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर रोक लगा दी गई है. मानवाधिकार संगठन JMBF ने इसको लेकर चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों के दबाव में लिया.
इसके विरोध में वहां के हिंदू समुदाय ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हिंदू समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर धार्मिक भावनाओं पर हमले की निंदा की है. इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने कल यानी मंगलवार को बांग्लादेश सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को पूरी उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार वहां के कट्टरपंथियों पर लगाम लगाएगी और हिंदू अल्पसंख्यकों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
बता दें कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को बार-बार टारगेट किया जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों सांप्रदायिक हिंसा और पूजा स्थलों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर होती रही हैं. अशांति और राजनीतिक अस्थिरता के बाद भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर बार-बार चिंता जताई है. बावजूद इसके चीजें ठीक नहीं हो पा रही हैं.