हरियाणा में टोल के पैसे के विवाद में मैनेजर की हत्या का मामला सामने आया है.हिसार के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर हुआ विवाद देर रात खूनी संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार चार युवकों ने टोल मैनेजर को गाड़ी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई है.
मृतक की पहचान 39 वर्षीय संजय शुक्ला के रूप में हुई है, जो टोल प्लाजा पर ड्यूटी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. घटना रात करीब पौने दो बजे की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, काले रंग की स्कॉर्पियो टोल प्लाजा पर पहुंची, जिसमें चार युवक सवार थे. टोल शुल्क को लेकर उनकी कर्मचारियों से बहस हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक खुद को बहबलपुर गांव का निवासी बता रहे थे और स्थानीय निवासी होने के आधार पर टोल शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे. टोल कर्मचारियों ने उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. इसी दौरान संजय शुक्ला गाड़ी के सामने आकर उसे रोकने का प्रयास करने लगे.
क्या हैं आरोप?आरोप है कि स्कॉर्पियो चालक ने पहले संजय शुक्ला को टक्कर मारकर गिरा दिया. इसके बाद गाड़ी को पीछे लेकर दोबारा उनके ऊपर चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल संजय शुक्ला को उपचार के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना से पहले टोलकर्मियों और युवकों के बीच हुई बहस का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में युवक खुद को बहबलपुर का निवासी बताते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि टोलकर्मी उनसे पहचान पत्र और वाहन के दस्तावेज दिखाने की मांग कर रहे हैं. वीडियो में टोलकर्मी पुलिस को सूचना देने की बात भी कहते सुनाई दे रहे हैं.
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद हुई है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं.
वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, 20 लाख रुपये मुआवजा, पीएफ और इंश्योरेंस का लाभ देने की मांग की है. परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.
संजय शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले थे और पिछले करीब 20 वर्षों से आईआरबी कंपनी में कार्यरत थे. उनके परिवार में पत्नी, एक बेटी और अन्य परिजन हैं. घटना के बाद टोल कर्मचारियों और परिजनों में भारी रोष है.