आंध्र प्रदेश की धरती उगलेगी 'देसी सोना'! 405 करोड़ के प्रोजेक्ट से हर साल निकलेगा 2 टन गोल्ड
TV9 Bharatvarsh June 24, 2026 07:43 PM

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कुरनूल जिले के जोन्नागिरी में 405 करोड़ रुपए की गोल्ड माइन एवं प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया. इसके साथ ही राज्य में क​मर्शिसल लेवल पर सोने के उत्पादन की शुरुआत हुई है. सीएम ने प्रोजेक्ट्स के दूसरे फेज की आधारशिला भी रखी, जिसे जियो मैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है.

आधिकारिक बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट माइनिंग सेक्टर में आंध्र प्रदेश के लिए एक नया चैप्टर खोलती है और औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है. सरकार ने इस परियोजना के लिए 1,500 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिसमें से पहले चरण में 600 एकड़ में खनन गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. शेष क्षेत्र में विस्तार आगामी चरणों में किया जाएगा.

पहले साल 400 किलो का टारगेट

परियोजना के अनुमानों के अनुसार, संचालन के पहले वर्ष में 400 किलोग्राम तक सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है. दूसरे वर्ष से यह बढ़कर 900 किलोग्राम प्रतिवर्ष हो जाएगा. भविष्य में उत्पादन को दो टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने की योजना है. इस परियोजना से लगभग 700 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है. राज्य सरकार को खदान से उत्पादित सोने के मूल्य का चार प्रतिशत रॉयल्टी राजस्व के रूप में प्राप्त होगा.

कितनी हासिल होगी रॉयल्टी

वर्तमान अनुमानों के आधार पर, आंध्र प्रदेश को 400 किलोग्राम सोने के उत्पादन पर लगभग 57 करोड़ रुपये और वार्षिक उत्पादन 900 किलोग्राम होने पर लगभग 144 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हो सकती है. यह परियोजना देश के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी सोना खनन परियोजना बताई जा रही है. इससे आंध्र प्रदेश को देश के सोना खनन क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है. अभी तक भारत में सोना खनन मुख्य रूप से कर्नाटक के कोलार गोल्ड क्षेत्र से जुड़ा रहा है.

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