Shani Upay: आने वाले शनिवार के दिन कर लें बस ये एक काम, नहीं होगी कभी धन की कमी
रुचि शर्मा June 25, 2026 12:42 AM

Shani Upay: सनातन धर्म में पीपल के पेड़ को केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि दिव्य ऊर्जा और देवी-देवताओं का प्रतीक माना गया है. धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पीपल का वृक्ष बेहद पवित्र माना जाता है. यही कारण है कि सदियों से लोग विशेष रूप से शनिवार के दिन पीपल की पूजा करते आ रहे हैं.

मान्यता है कि शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने, जल अर्पित करने और परिक्रमा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. साथ ही जीवन में आ रही कई बाधाएं, आर्थिक समस्याएं और मानसिक तनाव भी कम हो सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रहों की अशुभ स्थिति को शांत करने के प्रभावी उपायों में से एक माना गया है.

ज्योतिष में क्यों खास माना जाता है पीपल का पेड़?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पीपल का संबंध मुख्य रूप से शनि ग्रह से माना जाता है. कई ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि कमजोर स्थिति में हो या जिन पर शनि की साढ़ेसाती अथवा ढैय्या का प्रभाव चल रहा हो, उन्हें नियमित रूप से पीपल की पूजा करनी चाहिए.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और कई देवी-देवताओं का निवास माना जाता है. इसलिए इसकी पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

शनिवार को इस विधि से करें पीपल की पूजा

शनिवार के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पीपल के पेड़ के पास जाएं. सबसे पहले वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें. इसके बाद कच्चा दूध और काले तिल भी अर्पित किए जा सकते हैं.

शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. दीपक जलाने के बाद वृक्ष की सात या ग्यारह परिक्रमा करें. परिक्रमा करते समय "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है.

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पीपल के नीचे दीपक जलाने का क्या है महत्व?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सरसों के तेल का दीपक शनि ग्रह की अशुभता को कम करने में सहायक माना जाता है. कहा जाता है कि जो लोग नियमित रूप से शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाते हैं, उन्हें जीवन में आ रही बाधाओं से धीरे-धीरे राहत मिल सकती है.

मान्यता है कि इस उपाय को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से रुके हुए कार्यों में गति आती है, आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं और करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

किन लोगों को जरूर करनी चाहिए पीपल की पूजा?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में पीपल की पूजा करना लाभकारी माना गया है.

जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो.

बार-बार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा हो.

 नौकरी या कारोबार में लगातार बाधाएं आ रही हों.

मानसिक तनाव और नकारात्मकता बनी रहती हो.

राहु और केतु से जुड़े दोषों का प्रभाव हो.

हालांकि किसी भी ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले अपनी कुंडली का उचित विश्लेषण कराना बेहतर माना जाता है.

पूजा करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

पीपल की पूजा करते समय वृक्ष को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. पूजा पूरी श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ करनी चाहिए. दीपक जलाने के बाद आसपास की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान मन में किसी के प्रति ईर्ष्या, द्वेष या नकारात्मक भाव नहीं रखना चाहिए. माना जाता है कि शुद्ध मन से की गई पूजा का फल अधिक शुभ होता है.

क्या मिल सकते हैं ज्योतिषीय लाभ?

मान्यता है कि शनिवार को नियमित रूप से पीपल की पूजा करने और दीपक जलाने से शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है. इससे आत्मविश्वास बढ़ने, निर्णय क्षमता मजबूत होने और जीवन में स्थिरता आने की संभावना मानी जाती है.

इसके अलावा पारिवारिक जीवन में सुख-शांति, आर्थिक मामलों में सुधार और करियर में प्रगति के योग भी बन सकते हैं. हालांकि ज्योतिषीय उपाय आस्था और विश्वास पर आधारित होते हैं. इनके परिणाम व्यक्ति की कुंडली, कर्म और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं.

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