24 जून 2026 की रात वेनेजुएला के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं थी. रात 10 बजे के करीब यारकुय प्रांत की राजधानी सैन फेलिपे के पास 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. इसके सिर्फ 40 सेकंड बाद युमारे शहर के पास 7.5 तीव्रता का दूसरा और उससे भी बड़ा भूकंप आया. दोनों भूकंप राजधानी कराकस से लगभग 284 से 293 किमी पश्चिम में आए थे. इन झटकों ने पूरे देश को हिला दिया. राजधानी कराकस में कई इमारतें ढह गईं, जिनमें एक बैंक की इमारत भी शामिल है. सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा और सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. ट्रुजिल्लो, काराबोबो, अरागुआ, मिरांडा और ला गुएरा जैसे राज्यों में भी इमारतों के गिरने की खबरें आईं.
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में 10 हजार से 1 लाख लोगों की मौत हो सकती है. लेकिन सिर्फ भूकंप ही समस्या नहीं है. भूंकप के 2 झटकों के बाद वेनेजुएला की अर्थव्यस्था को तीसरा झटका लगा है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह आपदा ऐसे समय आई है जब वेनेजुएला पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है. आइए जानते हैं उसे उबरने में कितने साल लगेंगे…

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. देश के पास लगभग 303 अरब बैरल तेल का रिजर्व है, जो अमेरिका के भंडार से करीब पांच गुना ज्यादा है. इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो चुकी है. 2013 से 2025 के बीच वेनेजुएला की GDP लगभग 80% घट गई. यह गिरावट अमेरिका की महामंदी और सोवियत संघ के टूटने के बाद हुए आर्थिक संकट से भी ज्यादा मानी जाती है. तेल उत्पादन भी तेजी से गिरा. 1998 में वेनेजुएला रोजाना 35 लाख बैरल तेल निकालता था. लेकिन 2020 तक यह उत्पादन घटकर सिर्फ 3.92 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया.
देश में महंगाई भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. 2025 में महंगाई दर 475% थी, जो दुनिया में सबसे ज्यादा मानी गई. आम लोगों की मासिक आय सिर्फ 100 से 300 डॉलर के बीच है, जिससे परिवारों के लिए भोजन और जरूरी सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है. संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों के अनुसार 2025 में करीब 80 लाख लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत थी. यह देश की कुल आबादी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है.
राजनीतिक बदलाव के बाद जगी थी उम्मीदजनवरी 2026 में वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा बदलाव आया. 3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया. रोड्रिगेज ने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई कदम उठाए. उन्होंने सरकारी तेल कंपनी PDVSA के एकाधिकार को कम किया और विदेशी कंपनियों के लिए तेल क्षेत्र खोल दिया.
अमेरिका की Chevron, स्पेन की Repsol और इटली की Eni जैसी कंपनियों के साथ नए समझौते किए गए. इन कदमों के बाद तेल उत्पादन फिर से बढ़कर 10 लाख बैरल प्रतिदिन से ऊपर पहुंच गया. अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि 2026 में वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था 12.1% की दर से बढ़ सकती है. कई वर्षों बाद पहली बार देश में आर्थिक सुधार की उम्मीद दिखाई दे रही थी. लेकिन अब भूकंप ने इन उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है.
100 अरब डॉलर तक नुकसान की आशंकाUSGS की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप से 10 अरब डॉलर से 100 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है. USGS की PAGER सिस्टम का अनुमान है कि नुकसान 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो सकता है. इसकी संभावना 39% बताई गई है. यह रकम वेनेजुएला की पूरी अर्थव्यवस्था के बराबर मानी जा रही है.
सबसे बड़ी समस्या यह है कि देश के पास पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है. वेनेजुएला पर लगभग 170 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज है. वहीं तेल से मिलने वाला काफी राजस्व अमेरिका की निगरानी वाले खातों में जमा होता है ताकि कर्जदाता उसे जब्त न कर सकें. ऐसे में सरकार के पास राहत और पुनर्निर्माण के लिए सीमित संसाधन हैं.
विशेषज्ञों ने क्यों जताई चिंता?कैलटेक की भूकंप वैज्ञानिक डॉ. लूसी जोन्स का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद सिर्फ इमारतों का गिरना ही खतरा नहीं होता. भूकंप गैस पाइपलाइन और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे आग लग सकती है. दूसरी ओर पानी की पाइपलाइन टूटने पर दमकल विभाग को आग बुझाने में मुश्किल होती है. ऐसी स्थिति में भूकंप के बाद होने वाली आग आर्थिक नुकसान को कई गुना बढ़ा सकती है. स्वास्थ्य व्यवस्था भी चिंता का विषय है.
वेनेजुएला का स्वास्थ्य तंत्र पहले से कमजोर है. बड़ी संख्या में घायलों के आने से अस्पतालों पर भारी दबाव पड़ सकता है. इसके अलावा अगर तेल उत्पादन और तेल ढांचे को नुकसान पहुंचता है, तो देश की सबसे बड़ी आय भी प्रभावित हो सकती है. फिलहाल तेल से ही सरकार को 50-60% राजस्व मिलता है और GDP में इसका योगदान लगभग 20% है.
उबरने में लग सकते हैं 10 साल या उससे ज्यादाएक्सपर्ट्स हैती के 2010 के भूकंप का उदाहरण देते हैं. 7.0 तीव्रता के उस भूकंप के 16 साल बाद भी हैती पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है. वेनेजुएला को भी अपने तेल उत्पादन को 1990 के दशक के स्तर तक पहुंचाने में दशकों लग सकते हैं. अब इस भूकंप ने पुनर्निर्माण की चुनौती और बढ़ा दी है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि भूकंप के कारण देश की GDP को 2% से 20% तक का नुकसान हो सकता है. बिना बड़े अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कर्ज पुनर्गठन और राजनीतिक स्थिरता के वेनेजुएला को इस संकट से उबरने में कम से कम 10 साल या उससे अधिक समय लग सकता है. यह भूकंप देश की आर्थिक वापसी की घड़ी को और पीछे धकेल सकता है.
यह भी पढ़ें: भूकंप से दहला वेनेजुएला; 10 तस्वीरों-वीडियो में तबाही का दर्दनाक मंजर