दलाल स्ट्रीट पर विदेशी फंड्स का तांडव: बैंक और एनर्जी शेयरों को बनाया 'एग्जिट गेट', भारी मुनाफावसूली से निवेशक सहमे
TV9 Bharatvarsh June 25, 2026 06:44 PM

जून के पहले पखवाड़े विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार का मूड खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. NSDL के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने जून के पहले पखवाड़े में 19 सेक्टरों में 64,761 करोड़ रुपए के शेयर बेचे. यह मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद से दो हफ्तों में हुआ सबसे बड़ा आउटफ्लो था. यह बिकवाली मई के दूसरे पखवाड़े में 13 सेक्टरों में हुई 14,621 करोड़ रुपए की बिकवाली से काफी ज्यादा थी. इस दौरान तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला.

इन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा असर

आउटफ्लो का सबसे ज्यादा असर फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेक्टर पर पड़ा. विदेशी निवेशकों ने जून के पहले पखवाड़े में इस सेक्टर में 11,263 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जो बेंचमार्क इंडेक्स में इस सेक्टर के बड़े वेटेज को दिखाता है. जनवरी से अप्रैल के बीच इस सेगमेंट से कुल 91,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली हुई है. अल्फानिटी के को-फ़ाउंडर और डायरेक्टर यू आर भट ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि जब विदेशी निवेशक पूंजी लगाने का फैसला करेंगे, तो फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा इनफ़्लो (पूंजी का आगमन) दिखेगा, क्योंकि उन्होंने इस सेक्टर में अपनी पोजीशन काफी कम कर दी है और करेक्शन के बाद यह सेक्टर आकर्षक हो गया है. इस दौरान तेल, गैस और कंज्यूमेबल फ़्यूल सेक्टर से 10,488 करोड़ रुपए की दूसरी सबसे बड़ी निकासी हुई, जबकि मई में यहां लगभग 9,000 करोड़ रुपए की बिकवाली हुई थी.

इन सेक्टर्स में विदेशी निवेशकों ने मचाया तांडव
सेक्टर 1-15 जून मई 2026 जनवरी से अप्रैल
नेट आउटफ्लो
फाइनेंशियल सर्विसेज़ -11,263 -23,141 -91,685
ऑयल, गैस और कंज्यूमेबल फ्यूल -10,488 -8,978 -6,391
ऑटोमोबाइल और कंपोनेंट्स -9,044 -2,532 -17,985
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी -6,733 -1,911 -24,870
एफएमसीजी -5,063 -3,561 -18,072
नेट इनफ्लो
अन्य 629 -1,062 4,803
टेलीकम्युनिकेशन 373 -415 -16,661
सर्विसेज 302 7,204 -4,008
यूटिलिटीज 7 -47 -127
इन सेक्टर्स में काफी हुई बिकवाली

असित सी मेहता में इंस्टीट्यूशनल रिसर्च के हेड सिद्धार्थ भामरे ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि हालांकि फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई, लेकिन कुल विदेशी होल्डिंग्स के मुकाबले यह बहुत बड़ी नहीं थी. तेल और गैस सेक्टर से हुई निकासी काफी बड़ी थी. अन्य सेक्टरों में, विदेशी निवेशकों ने ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स में 9,044 करोड़ और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 6,733 करोड़ रुपए के शेयर बेचे. जनवरी से अप्रैल के बीच, इन दोनों सेक्टरों से क्रमशः 17,985 करोड़ रुपए और 24,870 करोड़ रुपए की निकासी हुई थी. भामरे ने कहा कि ऑटोमोबाइल शेयरों पर बिकवाली का दबाव इसलिए दिखा क्योंकि उनकी संभावनाएं तेल की कीमतों की दिशा से गहराई से जुड़ी हुई हैं. IT शेयरों पर भी दबाव बना रहा क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के रेवेन्यू मॉडल में बदलाव लाने की चिंताएं फिर से उभर आईं.

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