क्या है यमुना जल प्रोजेक्ट? 32 साल बाद राजस्थान को मिलेगा 'हक', शेखावटी के तीन जिलों को सीधे फायदा
TV9 Bharatvarsh June 25, 2026 07:43 PM

Rajasthan Yamuna Water Project: राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना अब धरातल पर उतरने की ओर आगे बढ़ रही है. 29 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे. आइए जानते हैं कि इस परियोजना से किन-किन जिलों के लोगों को फायदा होगा.

जानकारी के अनुसार इस समझौते में राजस्थान और हरियाणा के बीच पानी की मात्रा, परियोजना की लागत, निर्माण, संचालन और जल वितरण से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान दौरे के दौरान इस परियोजना की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं.

किन जिलों को मिलेगा पानी?

यमुना जल समझौते के तहत शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों के शहरों और गांवों को करीब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी यानी की 577 अरब (57,700 करोड़) लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत 33,379 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 3,900 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे.

कैसे पहुंचेगा राजस्थान में यमुना का पानी?

परियोजना के तहत करीब 302 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे यमुना का पानी राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा. हालांकि भूमि अधिग्रहण और रेलवे ट्रैक के किनारे पाइपलाइन बिछाना इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है. रेलवे कॉरिडोर के साथ केवल 68 किलोमीटर क्षेत्र उपलब्ध है, जबकि शेष हिस्से के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और निजी भूमि का उपयोग करना होगा.

राजस्थान और हरियाणा के बीच बनी सहमति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक कर समझौते के सभी बिंदुओं को अंतिम रूप दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे, जिसमें यह परियोजना भी शामिल है.

32 साल बाद मिलेगा राजस्थान को यमुना का पानी

1994 में राजस्थान को यमुना का पानी आवंटित हुआ था, लेकिन उस समय पानी नहीं मिल पाया. अब 32 साल बाद राजस्थान का यमुना का पानी मिलने वाला है. इस परियोजना से राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले में जल संकट समाप्त हो जाएगा.

ये भी पढ़ें – जयपुर में 41 KM के रूट पर 36 नए मेट्रो स्टेशन, किन इलाकों को होगा लाभ?

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.