राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों का स्वरूप बदलेगा. दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने इसकी तैयारियां कर ली हैं. नई तैयारियों के तहत 75 सीएम श्री स्कूलों में व्यापक मरम्मत, सुधार और नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके लिए दिल्ली सराकार 265 करोड़ रुपये खर्च करेगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाल में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में सीएम श्री स्कूलों का स्वरूप बदलने के लिए फंड जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इस बैठक में PWD मंत्री प्रवेश साहिंब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
इसको लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां स्टूडेंट्स को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक और प्रेरणादायक परिसर मिले.
सीएम श्री स्कूलों में होंगे ये काममुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सीएम श्री स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण, संशोधन और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. उन पर सीएम श्री का नया लोगो और स्कूल का नाम प्रदर्शित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त भवनों में सीलन और नमी की समस्या दूर करने, वॉटरप्रूफिंग, आंतरिक एवं बाहरी पेंटिंग, प्लास्टर की मरम्मत, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण अथवा मरम्मत, शौचालयों में सुधार, पेयजल सुविधा में सुधार, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने, आवश्यकता के अनुरूप खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत, मल्टीपरपज हॉल का नवीनीकरण और आवश्यकता अनुसार अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे.
स्कूल परिसरों में हाई मास्ट लाइटिंग लगेंगीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रिकल कार्यों के तहत अग्नि सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाएंगे. खराब LED लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं प्रभावी ढंग से प्रसारित की जा सकें. स्कूल परिसरों में हाई मास्ट लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी. मल्टीपरपज हॉल एवं कंप्यूटर लैब में एयर कंडीशनिंग, स्टेज लाइटिंग, सीएम श्री लोगो युक्त LED साइनेज एवं एलईडी बोर्ड, इनबिल्ट आरओ वॉटर कूलर, मुख्य विद्युत पैनलों का अपग्रेडेशन और नई वायरिंग, री-वायरिंग, पावर पॉइंट और लैन पॉइंट उपलब्ध कराए जाएंगे.
विशेष प्राथमिकता वाले कार्यों के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ और हैंडरेल जैसी दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी. साथ ही CCTV, कंपाउंड लाइटिंग और खेल मैदानों का विकास भी किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल भवनों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों को ऐसे आधुनिक शिक्षण परिसरों में विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी, तकनीक-सक्षम और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो। यह प्रस्ताव दिल्ली के सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.