Madhya kailash Temple: तमिलनाडु का वो रहस्यमयी और अनोखा मंदिर, जहां विराजते हैं आधे गणेश और आधे हनुमान जी, जानें मध्य कैलाश की कहानी
TV9 Bharatvarsh June 26, 2026 12:44 AM

Madhya kailash Temple Chennai: भारत मंदिरों का देश कहा जाता है. यहां कई प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर हैं, जिनके रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया है. ऐसा ही एक रहस्यमयी और अनोखा मंदिर दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में है. इस मंदिर का नाम है मध्य कैलाश मंदिर. ये प्रसिद्ध मंदिर दक्षिण चेन्नई के नादुक्कयिलाई में स्थित है. इस मंदिर में विघ्नहर्ता भगवान गणेश और श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी आधे आधे विराजते हैं. हालांकि, मंदिर का मुख्य देवता वेंकट आनंद विनायकर (गणेश जी) को माना जाता है, जिनका भक्तों के लिए अत्यंत खास महत्व है.

इस अनोखे मंदिर में आधे गणेश और आधे हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है. मध्य कैलाश प्रतिमा आधी गणेश जी और आधी हनुमान की प्रतिमा के लिए ही काफी मशहूर है. मंदिर में स्थापित इस मूर्ति को लोग आद्यंत प्रभु के नाम से जानते हैं. आद्यंत प्रभु के नाम का अर्थ है कि ऐसे प्रभु जिनका न उद्गम है और न ही कोई अंत. आद्यंत प्रभु भगवान गणेश और हनुमान जी के रूप में विलीन हैं.

प्रतिमा में दाएं गणेश जी हैं, तो बाईं ओर हैं हनुमान जी

हिंदू शास्त्रों और पुराणों में हनुमान जी को चिरंजीवी बताए गए हैं, जबकि भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी भी दो बार जन्मे थे. इस मंदिर में जो प्रतिमा है उसमें दाहिने ओर गणेश जी हैं, तो बाईं ओर हनुमान जी हैं. मंदिर में स्थापित ये आद्यंत प्रभु का कुंभाभिषेकम साल 1994 में पूरा हुआ था. तब से लेकर आज तक दुनिया भर से श्रद्धालु आद्यंत प्रभु की अद्भुत और अनोखी प्रतिमा के दर्शन करने इस मंदिर में आते हैं.

प्रतिमा की स्थापना की कहानी है बड़ी रोचक

मंदिर में स्थापित गणेश जी और हनुमान जी की इस प्रतिमा की स्थापना की कहानी बड़ी रोचक है. मंदिर के पुजारियों के अनुसार, मंदिर के ही एक अधिकारी को इस रूप के दर्शन प्राप्त हुए, जिसके बाद इस प्रतिमा की रचना की गई थी. आद्यंत प्रभु की आरती कपूर से की जाती है. इसके बाद हर दोपहर को पुजारी प्रतिमा को स्नान कराते हैं और गीले कपड़ों में ही अनुष्ठान की शुरुआत कर देते हैं. यहां भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान सूर्य का भी मंदिर है.

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