दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को नरेला के रामदेव चौक स्थित कम्फर्ट जोन में आयोजित भव्य विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में भाग लिया. यह विशेष सम्मेलन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, सुशासन, सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित गौरवशाली 12 वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 12 सालों में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश ने अंत्योदय और आत्मनिर्भरता की एक नई और स्वर्णिम इबारत लिखी है.
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज भारत न केवल वैश्विक पटल पर बेहद मजबूत आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति बनकर उभरा है, बल्कि देश के कोने-कोने में डिजिटल क्रांति, आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार और जनकल्याणकारी नीतियों का सीधा लाभ सीधे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है.
करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को सुगम बनायाइस अवसर पर उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद योगेंद्र चंदोलिया, नरेला से विधायक राज कारण खत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना और स्वनिधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जिन्होंने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को गरिमापूर्ण और सुगम बनाया है.
600 करोड़ रुपए के विकास कार्य#WATCH | Delhi: Chief Minister Rekha Gupta addresses the Viksit Bharat Sankalp Sammelan organised in the Narela Assembly. (27.06) pic.twitter.com/O9HFZlJonw
— ANI (@ANI) June 27, 2026
रेखा गुप्ता ने बताया कि नरेला और बाहरी दिल्ली के विकास पर बात करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक प्रगति और नागरिक सुविधाओं को और बेहतर करने की प्रतिबद्धता जताई. मात्र सवा वर्ष में नरेला विधानसभा में लगभग 600 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें सड़क, नाली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी अनेक परियोजनाएं शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेला दिल्ली की सबसे बड़ी विधानसभाओं में से एक है और लंबे समय तक विकास से वंचित रही. वर्तमान सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए तेजी से कार्य कर रही है. क्षेत्र में 8 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 2 अटल कैंटीन, गांवों में सड़क निर्माण, बेहतर परिवहन सुविधाएं तथा अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम हो रहा है.
नरेला में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापनादिल्ली सरकार ने नरेला में एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 1,350 करोड़ रुपए की लागत से भूमि खरीदी है, जिससे गांव और देहात के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. साथ ही, रिठालाकुंडली वाया नरेला मेट्रो कॉरिडोर को स्वीकृति प्रदान करते हुए 5,000 करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर दी गई है ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो.
परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आश्वासनरेखा गुप्ता ने नरेला क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं जैसे बाईपास, फुटओवर ब्रिज, बालिका कॉलेज तथा अन्य परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक, पार्षद और जिला संगठन के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र के प्रत्येक विकास कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा. उन्होंने वहां मौजूद सभी युवाओं, महिलाओं और कार्यकर्ताओं को विकसित भारत 2047 मिशन के तहत भारत को एक पूर्ण विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का आह्वान किया.