बिहार के नालंदा से मासूम जनसुराज का अपहरण… पटना से पहुंची डॉग स्क्वाड और FSL टीम, 31 घरों की हुई तलाशी
TV9 Bharatvarsh June 28, 2026 02:43 PM

Nalanda Child Abduction: बिहार के नालंदा जिले से कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली वारदात सामने आई है. यहां राजगीर अनुमंडल के छबिलापुर थाना क्षेत्र स्थित कंचनपुर गांव में शुक्रवार की आधी रात अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर आठ महीने के मासूम बच्चे का रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया. चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चा घर के बरामदे में अपने माता-पिता के बीच सोया हुआ था. इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

अपहृत बच्चे की पहचान कंचनपुर गांव के निवासी महेश मांझी के आठ महीने के बेटे ‘जनसुराज’ के रूप में हुई है. जनसुराज अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा और पूरे परिवार का लाडला है. बच्चे की चाची मंती देवी ने बताया कि शुक्रवार की रात भीषण गर्मी के कारण पूरा परिवार खाना खाकर घर के बाहर बरामदे में सोया हुआ था. रात करीब 12 बजे तक बच्चा अपनी मां के पास बिल्कुल सुरक्षित था. लेकिन, रात करीब 1 बजे जब परिवार के कुछ सदस्यों की आंख खुली, तो उनके होश उड़ गए- मासूम जनसुराज बिस्तर से गायब था.

बच्चे के गायब होने की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. आधी रात को ही पूरा कंचनपुर गांव जाग गया. ग्रामीण हाथों में टॉर्च और लाठियां लेकर रातभर गलियों, खेतों, बगीचों और झाड़ियों में बच्चे को ढूंढते रहे, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन सुबह तेज बारिश के बावजूद ग्रामीणों और परिजनों का खोज अभियान जारी रहा. कंचनपुर के अलावा आसपास के गांवों जैसे कोलबाबाद, कटारी और बथानी में भी सघन तलाशी ली गई, पर सब बेनतीजा रहा.

“बिना शोर-शराबे के बीच से बच्चा उठाना बाहरी का काम नहीं”

पीड़ित परिवार का कहना है कि माता-पिता के ठीक बीच में सो रहे आठ महीने के बच्चे को बिना किसी आहट या शोर-शराबे के उठा ले जाना किसी बाहरी व्यक्ति के लिए नामुमकिन सा है. परिजनों ने अंदेशा जताया है कि इस वारदात में किसी स्थानीय व्यक्ति या घर की टोह रखने वाले मुखबिर का हाथ हो सकता है. हालांकि, पुलिस इस थ्योरी समेत सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है.

डीएसपी खुद पहुंचे मौके पर, कंचनपुर के सभी 31 घरों की ली गई तलाशी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छबिलापुर थाना पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. राजगीर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) संजीत कुमार गुप्ता खुद दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे और कमान संभाली. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंचनपुर गांव के सभी 31 घरों की सघन तलाशी ली है, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके. डीएसपी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मासूम जनसुराज की सकुशल बरामदगी पुलिस की पहली प्राथमिकता है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा.

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पटना से बुलाई गई फॉरेंसिक (FSL) और डॉग स्क्वाड की टीम

जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी दिशा देने के लिए पटना से विशेष रूप से डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमों को मौके पर बुलाया गया है. खोजी कुत्ते (स्निफर डॉग) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा रहे हैं. इसके साथ ही, गांव से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस कंचनपुर और आसपास के संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन और डंप डेटा भी ट्रैक कर रही है.

फिलहाल, कंचनपुर गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है. पीड़ित मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरा गांव मासूम जनसुराज की सुरक्षित घर वापसी के लिए दुआएं मांग रहा है.

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