दिग्गज शूटर जसपाल राणा के बाद उनकी मां का भी निधन, बेटे के 50वें जन्मदिन पर ली आखिरी सांस
TV9 Bharatvarsh June 29, 2026 03:43 PM

Jaspal Rana Mother dies: भारतीय शूटिंग जगत के महान खिलाड़ी स्वर्गीय जसपाल राणा के परिवार पर दुखों का एक बहुत बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है. 12 जून को दिल का दौरा पड़ने के कारण जसपाल राणा के अचानक हुए निधन के सदमे के कुछ ही दिनों बाद, उनकी मां श्यामा देवी का भी लंबी बीमारी के बाद अस्पताल में देहांत हो गया है. काफी भावुक करने वाला एक और दुखद संयोग यह रहा कि श्यामा देवी ने रविवार (28 जून) को उसी दिन आखिरी सांस ली, जिस दिन उनके बेटे जसपाल राणा का 50वां जन्मदिन था.

जसपाल राणा की मां का भी निधन

पद्मश्री से सम्मानित और भारत के महान पिस्टल शूटर रहे जसपाल राणा का सिर्फ 49 साल की उम्र में बीते 12 जून को निधन हो गया था. उनके निधन के कुछ ही दिनों बाद उनकी मां श्यामा देवी की तबीयत भी काफी बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. जसपाल के पिता नारायण सिंह राणा, जो पहले से ही अपने जवान बेटे को खोने के गहरे गम में डूबे हुए थे, उनके लिए यह दूसरा बड़ा सदमा है.

इस दुखद खबर के सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, ‘हमें नारायण सिंह राणा जी की धर्मपत्नी और हमारे देश के प्रसिद्ध शूटर, पद्मश्री स्वर्गीय जसपाल राणा जी की आदरणीय माताजी श्यामा देवी जी के निधन की दुखद खबर मिली है. दुख की इस घड़ी में, मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.’

पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के रहे थे कोच

बता दें, जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड कप से भारतीय शूटिंग दल के साथ वापस लौटते समय फ्लाइट में ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी. नई दिल्ली में विमान के लैंड होते ही उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके दिल के ब्लॉकेज को हटाने के लिए डॉक्टरों ने एक हार्ट सर्जरी की थी. हालांकि, इस प्रक्रिया के कुछ ही दिनों बाद 12 जून को उन्होंने दम तोड़ दिया.

जसपाल राणा न सिर्फ भारत के एक बेहतरीन निशानेबाज थे, बल्कि उन्होंने एक शानदार कोच के रूप में भी देश का नाम रोशन किया. वो पेरिस ओलंपिक में भारतीय स्टार निशानेबाज मनु भाकर के निजी कोच थे और उन्हीं के मार्गदर्शन में मनु ने देश के लिए दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. एक खिलाड़ी के रूप में जसपाल का सबसे बड़ा पल साल 2006 के दोहा एशियाई खेलों में आया था, जहां उन्होंने तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था.

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