'सिख शब्दावली बदलने का हक किसने दिया?' बेअदबी कानून पर अकाल तख्त सख्त, पंजाब सरकार को 1 महीने का अल्टीमेटम
TV9 Bharatvarsh June 30, 2026 01:42 AM

पंजाब में 29 जून यानी सोमवार को सभी सिख विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए. इस दौरान सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सीधा सवाल किया कि क्या आपने पंजाब विधानसभा में जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट पर अपनी सहमति देने से पहले क्या इसे अच्छे से पढ़ा था? इस सवाल पर ज्यादातर विधायकों और मंत्रियों ने इसे लेकर ये कहा कि उन्हें सदन में आने से कुछ वक्त पहले ही इस विधेयक का मसौदा पेश किया गया था इसलिए वो उसे पढ़ नहीं पाए.

कांग्रेस विधायकों की और से भी श्री अकाल तख्त साहिब को बताया गया कि उन्होंने सदन में इस मुद्दे को उठाया था. उन्हें सदन में आने से कुछ ही घंटे पहले मसौदा मिला है जिसकी वजह से वो इसे ठीक से पढ़ नहीं पाए. श्री अकाल तख्त साहिब ने अब पंजाब सरकार को हुक्म दिया है कि श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आपत्तियों को एक महीने के अंदर इस कानून में संशोधन करके शामिल किया जाए और तब तक इस कानून को होल्ड कर दिया जाए. पंजाब सरकार की और से भी श्री अकाल तख्त साहिब को भरोसा दिलाया गया है कि अगले एक महीने में उन तमाम आपत्तियों पर विचार करके पंजाब सरकार कोई ठोस फैसला लेगी.

कानून को लेकर अकाल तख्त की आपत्तियां

बेअदबी कानून को लेकर अकाल तख्त साहिब की आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं. जत्थेदार ने कहा कि हमारा ऐतराज है कि कानून में बीड़ की जगह स्वरूप कहा. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बीड़ कहा जाता है. स्वरूप भी हमारा ही शब्द है. विधानसभा ने सिख शब्दावली बदलने की कोशिश की है. विधानसभा को सिख शब्दावली तय करने का हक नहीं है. बीड़ के साथ स्वरूप कहते तो कोई ऐतराज नहीं.

कस्टोडियन वाली मद हटायी जाए

कस्टोडियन यानि संभालकर्ता. जिसको गुरु ग्रंथ साहिब दिया गया हो. कस्टोडियन शब्द तय करना आपका अधिकार नहीं है. ये श्री अकाल तख्त साहिब का अधिकार है. किसको स्वरूप देना किसको नहीं देना ये पंथ तय करेगा. कस्टोडियन वाली मद को हटाया जाए.

यूनिक नंबर पर एतराज

स्वरूपों के लिए रजिस्टर बनाओ, ये तो पहले से है. गुरु ग्रंथ साहिब का यूनिक नंबर लगाने पर एतराज है. सिख रहित मर्यादा में लिखा है कि गुरमता विधानसभा नहीं करती पंथ करता है. आप यूनिक नंबर के लिए सुझाव भेज सकते हो आदेश नहीं दे सकते. पंथ ही ये फैसला ले सकता है. यहां पर सरकार टेक्निकली गलत हो गई. इसमें कहा गया है कि वेबसाइट पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का रिकॉर्ड जारी करना मंजूर नहीं.

कस्टोडियन के फर्ज तय करने पर ऐतराज

कस्टोडियन के फर्ज व जिम्मेदारियां तय करने पर ऐतराज है। कस्टोडियन की जिम्मेदारी होगी उसकी सुरक्षा करना. गुरु ग्रंथ साहिब किस तरह से रखना है ये विधानसभा तय नहीं करेगी. इसे तय करने का हक पंथ का है, ये आपका अधिकार नहीं है. आप सुझाव दे सकते हैं कि अकाल तख्त ऐसे करे.

सजा पर ऐतराज

बेअदबी करने वाले को सजा देने का अधिकार सरकार का है. लेकिन कानून में जो लिखा है कि बेअदबी करने के अलावा, इसमें जो अलावा लिखा है वो क्या है और वो किसके लिए है, ये स्पष्ट किया जाए. कस्टोडियन को सजा वाली मद पर अकाल तख्त को ऐतराज है.

दुर्घटना की स्थिति का जिक्र क्यों नहीं?

इसमें सरकार ने ये नहीं लिखा कि अगर कोई दुर्घटना हो गई तो गुरुग्रंथ साहिब केस प्रॉपर्टी नहीं बनेगा. जो ऐतराज लगाए हैं एक महीने में उसे दूर करो ये आदेश अकाल तख्त साहिब की और से जारी किया गया है.

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