राम मंदिर चढ़ावा मामला: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए गिरफ्तार आठों आरोपी
Indias News Hindi June 30, 2026 03:42 AM

अयोध्या, 29 जून . राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को Monday को अयोध्या की एक अदालत में पेश किया गया. आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

इस मामले में सभी आरोपियों को अब 13 जुलाई को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. कोर्ट में Police ने कहा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. अभी कई पहलुओं से जांच की जानी है, ऐसे में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना जरूरी है.

Police ने पहले ही कहा था कि फिलहाल वह उनकी हिरासत नहीं मांगेगी, बल्कि जांचकर्ताओं द्वारा पूछताछ के लिए प्रश्नों की विस्तृत सूची तैयार करने के बाद आने वाले दिनों में हिरासत में लेगी.

Police ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित लगभग छह बैंकों को नोटिस जारी किया है और गिरफ्तार आरोपियों, ट्रस्ट और अन्य लोगों के बैंक खातों और लॉकरों की जानकारी मांगी है. बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच में करीब 70 से 80 लोग शामिल हैं, जिन्हें समय-समय पर जांच के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा.

Police का कहना है कि जांच के दौरान अगर आरोपियों से पूछताछ की जरूरत पड़ी तो अदालत से Police कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी. जांच टीम इसके लिए सवालों की विस्तृत सूची तैयार करने में लगी हुई है.

इस बीच, सभी आरोपियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में भेजने का फैसला लिया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने चैट डिलीट कर दी थी, ऐसे में उन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही है.

इस बीच, Supreme Court ने Monday को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन की अदालत की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग करने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया.

इस मामले की जांच में जुटी Police की एक टीम नया घाट स्थित एसबीआई की शाखा में भी गई थी. इस शाखा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का प्राथमिक बैंक खाता है. बैंक अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है. Police द्वारा शाखा प्रबंधक से पूछताछ करने और जांच के तहत उनका बयान दर्ज करने की संभावना है.

एएमटी/एबीएम

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