कर्नाटक में मतदाता सूची के एसआईआर की शुरुआत, ईसी ने इसे पारदर्शी प्रक्रिया बताया
Indias News Hindi June 30, 2026 03:43 AM

Bengaluru, 29 जून . कर्नाटक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की शुरुआत 30 जून से होगी. इसके तहत 59,050 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एक महीने तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि राज्य की वोटर लिस्ट सही, पूरी और अप-टू-डेट रहे.

Monday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने बताया कि India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के बाद ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ का काम किया जा रहा है.

इस प्रक्रिया को सबकी भागीदारी वाली, पारदर्शी और नागरिकों पर केंद्रित बताते हुए अंबु कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का पूरा सहयोग करें. उन्होंने कहा कि मतदाता सही जानकारी दें, गणना फॉर्म भरें और उन पर हस्ताक्षर करके अधिकारियों को सौंपें जब वे उनके घर आएं.

उन्होंने Political दलों, बूथ लेवल एजेंटों, स्थानीय निकायों, नागरिक समाज संगठनों, मीडिया और आम जनता से भी अपील की कि वे इस संशोधन प्रक्रिया को सफल बनाने में पूरा सहयोग दें.

उन्होंने बताया कि कर्नाटक उन 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है जहां यह प्रक्रिया चल रही है, और इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता की तारीख माना गया है.

घर-घर जाकर गणना का काम 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाएगा. इस दौरान, बूथ लेवल अधिकारी अपने आवंटित मतदान क्षेत्रों के हर घर में जाएंगे और उन मतदाताओं को गणना फॉर्म देंगे जिनके नाम 16 जून 2026 तक मतदाता सूची में शामिल हैं.

ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त को जारी की जाएगी, जिसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय (4 सितंबर तक) दिया जाएगा. सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि संशोधन के लिए सभी तैयारी का काम पूरा हो चुका है. राज्य भर में कुल 59,050 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशिक्षित करके तैनात किया गया है.

इसके अलावा, सभी 31 जिला निर्वाचन अधिकारियों, चार अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, 224 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, 336 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और 7,556 बीएलओ पर्यवेक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है.

साथ ही, Political दलों द्वारा नियुक्त 1,15,112 बूथ लेवल एजेंटों को भी तैनात किया गया है, जिनमें से अधिकांश को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है.

पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय Political दलों के साथ-साथ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और social media के प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता और ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं. 16 जून, 2026 तक कर्नाटक में 5,54,32,314 रजिस्टर्ड वोटर हैं, और इन सभी को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (विशेष गहन समीक्षा) में शामिल किया जाएगा.

घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के दौरान, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) एन्यूमरेशन फॉर्म बांटेंगे और घरों पर अलग-अलग रंग के स्टिकर लगाएंगे.

बैंगनी रंग का चौकोर स्टिकर यह बताएगा कि एन्यूमरेशन फॉर्म बांट दिया गया है, जबकि लाल रंग का गोल स्टिकर यह बताएगा कि विजिट के दौरान घर बंद मिला था.

वोटरों द्वारा फॉर्म भरने और उस पर साइन करने के बाद, बीएलओ उन्हें डिजिटाइजेशन के लिए इकट्ठा करेंगे.

ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, भरे हुए फॉर्म इकट्ठा करने के लिए बीएलओ जरूरत पड़ने पर घरों का कम से कम तीन बार दौरा करेंगे.

मुख्य चुनाव अधिकारी ने साफ किया कि घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के चरण के दौरान कोई भी सहायक दस्तावेज इकट्ठा नहीं किया जाएगा.

जो वोटर तय समय के अंदर पूरी तरह से भरा हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा. जो लोग फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा.

वोटर 30 जून से ‘वोटर्स सर्विस पोर्टल’ और ‘ईसीआईएनईटी’ मोबाइल ऐप के जरिए भी ऑनलाइन एन्यूमरेशन फॉर्म भर और जमा कर सकेंगे.

जो नागरिक हाल ही में वोट देने के योग्य हुए हैं, वे चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय डिक्लेरेशन फॉर्म के साथ ‘फॉर्म 6’ जमा करके वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

सभी एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइज़ेशन और घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की पूरी प्रक्रिया 29 जुलाई तक पूरी हो जाएगी.

जन-जागरूकता पैदा करने के लिए, ज़िलों और विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां, प्रभात फेरियां और अन्य आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने वोटरों और अन्य संबंधित लोगों के फायदे के लिए एक समर्पित पब्लिक ऑनलाइन रिपॉजिटरी के जरिए ‘एसआईआर’ से जुड़े सर्कुलर, दिशा-निर्देश, वीडियो, एफएक्यू, ट्रेनिंग मटीरियल और अन्य जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं.

एससीएच/डीकेपी

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