Draupadi Marriage Secret: श्राप या वरदान, किस वजह से द्रौपदी को करना पड़ा पांचों पांडवों से विवाह
TV9 Bharatvarsh June 30, 2026 07:43 PM

Mystery of Draupadi & Five Pandavas: महाभारत की कथा में कई अहम किरदार मिलते हैं. इन्हीं में शामिल है द्रौपदी. द्रौपदी के चीरहरण की कहानी सभी ने देखी और सुनी है. द्रौपदी के अपमान को महाभारत युद्ध के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है. द्रौपदी पांचों पांडवों की पत्नी थीं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि द्रौपदी की ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उनको पांचों पांडवों से विवाह करना पड़ा? इसके पीछे कोई श्राप नहीं है, बल्कि एक वरदान है. आइए जानते हैं द्रौपदी के विवाह की कहानी.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्रौपदी यज्ञकुंड की अग्नि से उत्पन्न हुईं थीं. वो पांचाल के महाराजा द्रुपद की पुत्री थीं. द्रौपदी को इंद्राणी भी कहा जाता है. द्रौपदी पिछले जन्म में एक सुंदर कन्या थीं, लेकिन उस कन्या को विवाह के लिए योग्य वर नहीं मिला. तब कन्या ने शिव जी की तपस्या की. तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने उससे वर मांगने को कहा. कन्या ने पांच सुयोग्य वर मांग लिए. शिव जी ने भी वरदान दे दिया. इस तरह से उसको पांच पतियों का वरदान मिला.

द्रौपदी ने अर्जुन के गले में वरमाला डाली

उसी कन्या का जन्म जब द्रौपदी रूप में हुआ तो राजा द्रुपद ने पुत्री के स्वयंवर का आयोजन किया. इसमें पांडव ब्राह्मण बनकर पहुंचे. अर्जुन ने द्रौपदी का स्वयंवर जीता और द्रौपदी ने उनके गले में वरमाला डाल दी. इसके बाद पांचों भाई द्रौपदी समेत माता कुंती के पास पहुंचे. अर्जुन ने माता कुंती से कहा कि देखो हम कैसी वस्तु लाए हैं. कुंती ने बिना देखे ही पांचों भाइयों से कहा कि वो जो भी लाए हैं उसको आपस में बांट लें. कुंती ने जब पलटकर देखा तो द्रौपदी थीं.

द्रौपदी ने रखा महादेव के वरदान का मान

इसके बाद उनको बहुत पछतावा हुआ, लेकिन कुंती भी क्या कर सकती थीं. उनकी बात तो स्वयं महादेव का वो वरदान था, जो द्रौपदी ने शिव जी से पिछले जन्म में एक सुंदर कन्या के रूप में मांगा था. द्रौपदी को उनके मांगे हुए वरदान के बारे में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया. इसके बाद द्रौपदी ने महादेव के वरदान और माता की कुंती की आज्ञा का मान रखते हुए पांचों पांडवों से विवाह कर लिया. पांच पांडवों की पत्नी होने के चलते है ही द्रौपदी को पांचाली भी कहा जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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